चेन्नई | तमिलनाडु में सत्ता संघर्ष अपने चरम पर पहुँच चूका है. सत्ताधारी पार्टी AIADMK अब स्पष्ट रूप से दो फाड़ हो चुकी है. एक खेमे की अगुवाई मुख्यमंत्री पन्नीरसेलवम कर रहे है तो दूसरे खेमें की शशिकला नटराजन. इसी राजनितिक घमासान के बीच पन्नीरसेलवम ने कहा है की वो पार्टी को किसी भी हालत में हाईजैक नही होने देंगे. उधर पार्टी के दुसरे नम्बर के नेता मधुसुदनन भी पन्नीरसेलवम के पाले में खड़े नजर आ रहे है.

शुक्रवार को पन्नीरसेलवम के घर हुई बैठक में मधुसुदनन और उनके कई समर्थको ने हिस्सा लिया. इस दौरान उनके काफी समर्थन पन्नीरसेलवम के घर के बाहर इकठ्ठा रहे. बैठक खत्म होने के बाद पन्नीरसेलवम और इ मधुसुदनन मीडिया से मुखातिब हुए. पन्नीरसेलवम ने कहा की बहुत जल्द सब अच्छा होगा और धर्म की जीत होगी, हम पार्टी को किसी के भी हाथो हाईजैक नही होने देंगे.

पन्नीरसेलवम ने पार्टी की तुलना बरगद के पेड़ से करते हुए कहा की अब इस पार्टी को हाईजैक करना मुमकिन नही है और अगर फिर भी कोई प्रयास करता है तो उसे कामयाब नही होने दिया जाएगा. इस मौके पर मधुसुदनन ने कहा की AIADMK की स्थापना ही परिवारवाद की राजनीती के खिलाफ हुई थी. लेकिन अब इसमें भी परिवारवाद घुस चूका है. लेकिन हम इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे और इस लड़ाई का नेतृत्व पन्नीरसेलवम करेंगे.

इ मधुसुदनन के पन्नीरसेलवम के खेमे में जाने के बाद शशिकला ने उन्हें पार्टी से निष्काषित कर दिया. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मधुसुदनन ने कहा की मैंने पहले ही शशिकला को पार्टी से निकाल दिया है. उनकी महासचिव पद पर नियुक्ति ही अवैध है. अब सबकी नजरे राज्यपाल विधासागर राव की और है, वो इस मामले में क़ानूनी विशेषज्ञों की राय ले रहे है. उनके सामने चुनौती होगी की पन्नीरसेलवम को मुख्मंत्री बनाए रखे या शशिकला को सरकार बनाने का निमंत्रण दे.


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