भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की जेल में मारे गए सरबजीत के बारे में चोकाने वाला खुलासा किया हैं. विदेश मंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में बताया कि सरबजीत का काम स्मगलिंग का था. और पाकिस्तानी रेंजर्स ने उसे स्मगलिंग करते हुए पकड़ा था.

हरमिलाप सिंह ग्रेवाल की आरटीआई के जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा कि 29-30 सितंबर 1990 की रात को जब पाकिस्तानी रेंजर्स ने सरबजीत को पकड़ा था. उस समय सरबजीत स्मगलिंग के मामले में पकडाया था.

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विदेश मंत्रालय के अनुसार 2005 में भारतीय अधिकारियों ने जब सरबजीत से बातचीत की थी तो उसने बताया था कि पाकिस्तान की सरकार उसपर आतंकी होने का इल्जाम थोप रही थी, लिहाजा उसने ये माना है कि वो अपने गुजर बसर के लिए छोटी मोटी स्मगलिंग का काम करता था.

विदेश मंत्रालय द्वारा सरबजीत के मामले में जो जवाब दिया गया हैं उससे कई सवाल उठ रहे हैं. आखिर एक स्मगलिंग के आरोपी को पीड़ित की तरह क्यूँ पेश किया गया ?

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