पाकिस्तान ने भारत से बातचीत शुरू करने की पेशकश करते हुए कहा कि पिछले साल मोदी सरकार ने उसे बातचीत का न्‍योता दिया था। हालांकि अब पाकिस्‍तान ने भारत के साथ ‘सार्थक बातचीत’ शुरू करने से पहले 5 शर्ते रखी हैं।

पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. मोइद यूसुफ ने भारतीय मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा है कि पाकिस्तान भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है और सभी विवादों का समाधान बातचीत के जरिए करना चाहता है। हालांकि भारत के साथ बातचीत के लिए यूसुफ ने कई शर्तें रखी हैं।

इसके तहत जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक कैदियों की रिहाई, कश्मीरियों को बातचीत में एक पार्टी बनाना, क्षेत्र में प्रतिबंधों को समाप्त करना, अधिवास कानून को रद्द करना ( जो गैर-कश्मीरियों को क्षेत्र में बसने की अनुमति देता है) और मानव अधिकारों का हनन रोकना है। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में परिवर्तन एक आंतरिक मामला नहीं है बल्कि यह मामला संयुक्त राष्ट्र के अधीन आता है।

उन्होंने ये भी कहा कि भारत को कश्मीर के सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा करना होगा, वहां सारे प्रतिबंध खत्म करने होंगे और गैर-कश्मीरियों को बसाने वाले डोमिसाइल लॉ को रद्द करना होगा। डॉ. यूसुफ ने फर्जी आरोप लगाते हुए कहा कि भारत को मानवाधिकार उल्लंघन रोकना होगा और पाकिस्तान में सरकार प्रायोजित आतंकवाद खत्म करना होगा।

मोइन ने आरोप लगाया, ‘भारत ने 10 लाख डॉलर खर्च किए ताकि तहरीके तालिबान पाकिस्‍तान (TTP) के अफगानिस्‍तान में विभिन्‍न धड़ों में मर्जर हो जाए। बता दें कि जम्‍मू-कश्‍मीर में अनुच्‍छेद 370 के खात्‍मे के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी पाकिस्‍तानी अधिकारी ने भारत के साथ बातचीत को लेकर भारतीय मीडिया से बातचीत किया है।

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