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नई दिल्ली: ग़ैर सरकारी संगठन ऑक्सफेम की रिपोर्ट में देश में बढ़ रही असमानता को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. जिसमे पता चला है कि देश के गरीबों की स्थिति दयनीय होती जा रही है और अमीरों के खजानों में बढ़ोतरी होती जा रही है.

रिपोर्ट का अनुसार, हालात इतने बदतर हो चुके है कि देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 15 प्रतिशत हिस्सा भारतीय अरबपतियों के खाते में है. जबकि पांच साल पहले इन अरबपतियों का हिस्सा 10 प्रतिशत था. रिपोर्ट में इन हालात के लिए सरकारों की असंतुलित नीतियों को जिम्मेदार बताया है.

‘द वाइडेनिंग गैप्स: इंडिया इनइक्वैलिटी रिपोर्ट 2018’ नाम की इस रिपोर्ट में कहा गया कि 50% गरीबों के पास 1991 में 9% संपत्ति थी, 2012 में यह घटकर 5.3% रह गई. टॉप 1% अमीरों के पास 1991 में 17% संपत्ति थी, यह 2012 में बढ़कर 28% हो गई, टॉप 10% अमीर लोगों की संपत्ति की हिस्सा इस दौरान 51% से बढ़कर 63% हो गया.

इसके अलावा कुल खर्च का 44.7% शीर्ष 20% लोग करते हैं, सबसे कमजोर 20% लोगों का खर्च महज 8.1% है. शहरों में टॉप 10% लोगों का खर्च सबसे गरीब 10% लोगों की तुलना में 19.6 गुना है. साथ ही 2017 में देश में जो संपत्ति पैदा हुई उसका 73% हिस्सा 1% बड़े अमीरों को मिला. 20.9 लाख करोड़ का इजाफा 1% अमीरों की संपत्ति में हुआ और सिर्फ 67 करोड़ गरीबों की संपत्ति 1% बढ़ी.

आॅक्सफेम इंडिया की सीईओ निशा अग्रवाल ने कहा, ‘धन और विरासत कर’ लागू कर विकास की इस धारा को बदला जा सकता है और उस कर का इस्तेमात ग़रीबों के स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण पर किया जाए. ख़ासकार ग़रीब बच्चों के विकास को ध्यान में रखते हुए इस कर को ख़र्च किया जाए.

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