हैदराबाद | तमिलनाडु में जलीकट्टू पर चल रहे आन्दोलन के बीच AIMIM प्रमुख असदुदीन ओवैसी ने इस मामले को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की है. उन्होंने जलीकट्टू आन्दोलन को यूनिफार्म सिविल कोड से जोड़ते हुए कहा की यह हिन्दुत्ववादी शक्तियों के लिए एक सबक है. ओवैसी के इस बयान पर विपक्षी दलों ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है.

ओवैसी ने जलीकट्टू आन्दोलन पर ट्वीट करके हिंदुत्व पर निशाना साधा. इसके अलावा उन्होंने जलीकट्टू के बहाने यूनिफार्म सिविल कोड का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने ट्वीट में लिखा ,’जलीकट्टू आन्दोलन हिन्दुत्ववादी ताकतों के लिए एक सबक है. यूनिफार्म सिविल कोड देश पर थोपा नही जा सकता क्योकि यहाँ एक संस्कृति नही है. हम सबका जश्न मनाते है’.

ओवैसी के बयान पर जेडीयु सांसद और प्रवक्ता केसी त्यागी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा की ओवैसी जलीकट्टू मामले को सम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे है. जेडीयु उनके बयान से सहमत नही है. वो एक तरफ अल्पसंख्यको की बात करते है और दूसरी तरफ जलीकट्टू का मामला उठा रहे है. उनके बयान केवल बीजेपी को फायदा पहुँचाने के लिए है. इससे पहले वो बिहार में आकर ऐसा कर चुके है.

मालूम हो की तमिलनाडु में जलीकट्टू को लेकर आन्दोलन चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस त्यौहार पर प्रतिबंध लगाया हुआ है. लोग मांग कर रहे है की वो सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अध्यादेश लेकर आये. आन्दोलन बढता देख मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम ने प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात की. हालाँकि मोदी ने अध्यादेश लाने से इनकार कर दिया. उनका कहना था की चूँकि यह मामला अदालत में विचाराधीन है इसलिए इस पर अध्यादेश नही लाया जा सकत है. खबर है की अब राज्य सरकार इस पर अध्यादेश लेकार आएगी.


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