नई दिल्ली । प्रधानमंत्री मोदी के ‘मेहरम’ को लेकर किए गए दावे को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ख़ारिज किया है। उनका कहना है की प्रधानमंत्री को हर चीज़ का क्रेडिट लेने की आदत हो गई है। ओवैसी ने दावा किया की ‘मेहरम’ को लेकर सउदी अरब सरकार पहले ही नियम बना चुकी है। मोदी उसका क्रेडिट ख़ुद ले रहे है। ओवैसी ने मज़ाक़िया लहजे में यह भी कहा की वह सउदी में महिलाओं को ड्राइविंग करने की अनुमति देने का भी क्रेडिट ले सकते है।

दरअसल 31 दिसम्बर को मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मुस्लिम महिलाओं का ज़िक्र करते हुए कहा था कि अब मुस्लिम महिलायें बिना मेहरम (किसी पुरुष अभिभावक के बिना) के भी हज के लिए जा सकेंगी। मोदी ने दावा किया की उनकी सरकार ने पीछले 70 साल से चली आ रही इस परम्परा को ख़त्म कर दिया है। उन्होंने आगे कहा की नयी हज नीति के तहत 45 साल से अधिक उम्र की महिलायें बिना मेहरम के हज के लिए जा सकेंगी।

मोदी के इस दावे का असदुद्दीन ओवैसी ने मज़ाक़ उड़ाते हुए कहा की सउदी अरब में पहले ही इस तरह का नियम बना हुआ है। नियम के अनुसार 45 साल से अधिक उम्र की महिलायें एक संगठित समूह के साथ बिना मेहरम के हज की यात्रा कर सकती है। इसका क्रेडिट मोदी जी को नही जाता। इस बारे में वह झूठ बोल रहे है। हालाँकि उन्हें हर चीज़ का क्रेडिट लेने की आदत हो गयी है।

ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा की मोदी जी को अगर मुस्लिम महिलाओं की इतनी ही फ़िक्र है तो उन्हें पूर्व सांसद एहसान जाफरी की विधवा जाकिया जाफरी को न्याय देना चाहिए, जो 2002 के गुजरात दंगों में मारे गए थे। उन्हें मुस्लिम महिलाओं की इतनी ही फ़िक्र है तो उन्हें शिक्षा में 7 फ़ीसदी आरक्षण देना चाहिए। बता दे की ओवैसी तीन तलाक़ बिल पर भी मोदी सरकार के ख़िलाफ़ खुलकर सामने आए है।

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