कोलकाता: कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश सीएस कर्णन को एक बार फिर से गिरफ्तार किया गया है। इस बार उन पर एक ऑनलाइन वीडियो में जजों को गाली देने और जजों की पत्न‌ियों को रेप की धमकियां देने का गंभीर आरोप है।

बता दें इस मामले में चेन्नई के एक वकील ने जस्टिस कर्णन के खिलाफ शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस की साइबर सेल ने उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153 और 509 के तहत केस दर्ज किया। इस सबंध में मद्रास हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकीलों द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को सीएस कर्णन के खिलाफ एक पत्र लिखा गया था।

जस्टिस कर्णन पहले ही न्यायपालिका पर अपनी टिप्पणियों को लेकर विवादों में घिरे रहे हैं। 9 मई 2017 को सात जजों की बेंच ने जस्टिस कर्णन को अवमानना का दोषी मानते हुए छह महीने की सजा सुनाई थी, लेकिन वह फरार थे। गिरफ्तारी से पहले जस्टिस कर्णन ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के वर्तमान 20 जजों की लिस्ट भेजी थी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी।

प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली सात न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने जस्टिस कर्णन को सज़ा सुनाते हुए कहा था, हम सभी का सर्वसम्मति से यह मानना है कि न्यायाधीश सीएस कर्णन ने न्यायालय की अवमानना की, न्यायपालिका की और उसकी प्रक्रिया की अवमानना की।

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधीश कर्णन के उस आदेश की सामग्री को मीडिया द्वारा प्रकाशित करने पर रोक लगा दी थी जिसमें न्यायाधीश कर्णन भारत के प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और उच्चतम न्यायालय के सात अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।

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