जद-यू के बगावती नेता शरद यादव के फोन पर विपक्ष के दिग्गज गुरुवार को ‘कॉमन हेरिटेज’ में एक सम्मेलन में एकत्रित हुए.

इन दिग्गजों में कांग्रेस के उपराष्ट्रपति राहुल गांधी, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, एनसी के नेता फारूक अब्दुल्ला, आरजेडी नेता मनोज झा, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, माकपा प्रमुख सीताराम येचुरी और सीपीआई नेता डी राजा शामिल हुए.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

अपने भाषण में, शरद यादव ने किसानों की आत्महत्या और गौरक्षा के नाम पर मारे गए लोगों सहित विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डाला.

सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि आज हमारे पास दो जेडी-यू हैं, एक शरद यादव के नेतृत्व में स्वतंत्र है और दूसरा बिहार में है, जो जेडी-यू कहा जाने का हकदार नहीं है क्योंकि यह स्वयं भाजपा में विलीन हो गया है.

उन्होंने कहा, “हमें कुछ सिद्धांतों का पालन करने की आवश्यकता होगी. अम्बेडकर, नेहरू, गांधी, मौलाना आज़ाद, सुभाष चंद्र बोस और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने घर छोड़े. हमारे ऐसे ऐसे उदाहरण हैं, जो पदों से इनकार करते हैं.

उन्हों कहा, आज हर कोई मंत्री और सदस्य बनना चाहता है. लेकिन शरद यादव ने मंत्रालय की पेशकश को ठुकरा दिया. आज़ाद ने कहा, “मैं शरद यादव को बधाई देता हूं.”

Loading...