नई दिल्ली | केरल के दिवंगत सांसद इ अहमद की मौत पर सियासी खींचतान शुरू हो गयी है. विपक्ष ने सरकार से मांग की है की वो इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराये. विपक्ष का कहना है की आखिर क्यों उनके परिजनों को उनसे मिलने नही दिया गया? उनके परिजनों को होने वाली परेशानी के लिए जिम्मेदार कौन है? और आखिर उनका निधन किस समय हुआ? अपनी मांगो को लेकर आज विपक्ष ने संसद परिसर में प्रदर्शन भी किया.

आज सुबह लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने इ अहमद के निधन की जाँच की मांग को लेकर काम रोको प्रस्ताव पास किया. सांसद प्रेमा चंद्रन ने अस्पताल प्रशासन पर अहमद का अनादर करने और उनके निधन की सूचना देरी से देने का आरोप लगाया. इस दौरान लोकसभा में खूब हंगामा हुआ जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया.

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वही अपनी मांगो को लेकर विपक्ष , खासकर कांग्रेस और लेफ्ट ने संसद परिसर में लगी गाँधी प्रतिमा के नीचे प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में राहुल गाँधी ने भी हिस्सा लिया. सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा शुरू हुई. इस बहस में हिस्सा लेते हुए केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा की जितने बड़े फैसले हमारी सरकार ने लिया है उसके लिए 56 इंच के सीने की जरुरत होती है.

महेश शर्मा ने आगे कहा की इसके अलावा उस सीने में एक धडकने वाला दिल भी होना चाहिए. जो हमारे प्रधानमंत्री मोदी के पास है. इस दौरान महेश शर्मा ने नोट बंदी से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक तक का जिक्र किया. उन्होंने कहा की हमने द्रढ़ इच्छाशक्ति के साथ सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया और आपने वीर सपूतो से इसके सबूत मांगे. हमने नोट बंदी करके भ्रष्टाचारियो पर नकेल कसी. महेश शर्मा के जवाब पर पलटवार करते हुए मल्लिकार्जुन खड्गे ने सरकार से रेल दुर्घटनाओ और बुलेट ट्रेन को लेकर सवाल किये.

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