BANGALORE, INIDA APRIL 7: Vijay Mallya, Chairman UB Group has announced that it has crossed the milestone of clocking the sales volume of 100 million cases for the fiscal year ended April 7, 2010 in Bangalore, India. (Photo by Hemant Mishra/Mint via Getty Images)

नई दिल्ली। विभिन्न बैंकों के 9 हजार करोड़ के कर्जदार विजय माल्या के लेकर आज भी विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला। विपक्ष ने सरकार पर माल्या के साथ मिलीभगत के आरोप भी लगाए। वहीं आज ये मामला संसद की एथिक्स कमेटी तक भी पहुंचा जिसके अध्यक्ष कर्ण सिंह हैं।

बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा कि इतनी बड़ी रकम उसे बिना किसी कारण दे देना ये मिलीभगत के बिना नहीं हो सकता। केंद्र सरकार ने उसे सुरक्षित बाहर भेजा है। वहीं कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि साफ़ है विजय माल्या भागे नहीं, भगाए गए। जबकि  जेडीयू प्रमुख शरद यादव ने कहा कि विजय माल्या लोफर आदमी है। इसको पकड़ना चाहिए। मैंने पहले ही कहा था कि ये भाग जाएगा।

राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद ने आज भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 16 अक्टूबर को सीबीआई ने आव्रजन विभाग से कहा कि माल्या देश छोड़ सकते हैं, ऐसा करने पर उन्हें रोक लिया जाए। लेकिन एक महीने बाद 15 नवंबर को सीबीआई ने अपना आदेश बदल दिया। मेरा आरोप है कि सरकार ने उसे देश से भागने में मदद की। क्या कारण था कि सीबीआई ने अपने आदेश में बदलाव किया। ग्रीनपीस की कार्यकर्ता प्रिया पिल्लई को एयरपोर्ट पर रोका जा सकता है तो माल्या को क्यों नहीं।

वहीं सरकार की तरफ से संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर माल्या को क्वात्रोची नहीं बनने देगी। (ibnlive)


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