वोटिंग के लिए विभिन्न पहचान के दस्तावेजों के स्थान पर आधार को एक मात्र पहचान प्रमाण पत्र  के रूप में इस्तेमाल करने की वकालत करते हुए पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त टी एस कृष्णमूर्ति ने कहा कि  आधार कार्ड को एकमात्र पहचान पत्र के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.

भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, कृष्णमूर्ति ने कहा, आज हमारे पास बहुत से कार्ड हैं जिससे कई जटिलतायें हैं. प्रणाली में इतनी सारी जटिलताएं उत्पन्न न करें. समय आ गया है, हमें केवल एक कार्ड पर विचार करना चाहिए, कार्ड चाहे जो भी हो.

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उन्होंने कहा, पहचान का प्रमाण आधार कार्ड हो सकता है, जब आप इसका इस्तेमाल अन्य सभी कार्य के लिए कर रहे हैं. ध्यान रहे वोट डालने के लिए वर्तमान में चुनाव आयोग पहचान पत्र न होने की स्थिति में पहचान के प्रमाण के तौर पर पासपोर्ट सहित कई अन्य दस्तावेजों को मान्यता देता है.

कृष्णमूर्ति ने कहा कि अकेले आधार को मतदाता पहचान पत्र बनाया जा सकता है. आप मतदाता पहचान पत्र और साथ ही साथ आधार कार्ड क्यों रखना चाहते हैं

उन्होंने कहा, अगर सभी मतदाता आधार से जुड़ जाते हैं, तो आप मतदाता पहचान पत्र को समाप्त कर सकते हैं और आधार को मतदान कार्यों के लिए एकमात्र पहचान पत्र बनाया जा सकता है.

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