सर्वोच्च न्यायालय की और से मंगलवार को बाबरी मस्जिद विवाद मामलें में दोनों पक्षों को मिलकर मामला सुलझाने की नसीहत देने के बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की और से केंद्र की मोदी सरकार से विवादित जगह पर कानून बनाकर राम मंदिर के निर्माण की मांग की गई हैं.

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नेता प्रवीण तोगड़िया कहा कि  ‘केंद्र सरकार को अयोध्या में (भगवान) श्रीराम के जन्मस्थान पर राममंदिर के निर्माण के लिए एक कानून बनाना चाहिए.’ उन्होंने कहा, राम जन्मभूमि न्यास और विहिप का हमेशा से पक्ष रहा है कि विवादित भूमि भगवान राम की है और वहां एक भव्य राम मंदिर होना चाहिए.

बातचीत को लेकर तोगड़िया ने कहा, साल 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने विहिप और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी को बैठा कर आपसी सौहार्द से मामले को सुलझाने के लिए प्रयास किया. लेकिन जब विहिप ने बाबरी समिति के सदस्यों को वहां मंदिर होने के साक्ष्य सौंपे तो समिति के लोग बैठक छोड़कर चले गए.

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तोगड़िया ने कहा कि ‘इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने स्वीकार किया है कि विवादित स्थल पर मंदिर की मौजूदगी के पर्याप्त साक्ष्य हैं. मुस्लिमों के पुरातात्विक सबूत के पक्ष पर बोलते हुए विहिप नेता ने कहा कि उन्होंने कहा था कि ‘यदि मंदिर अस्तित्व में रहा होगा तो हम अपना दावा वापस ले लेंगे.

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