मध्यप्रदेश में पकड़े गए 11 तथाकथित पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के जासूसों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) के नेता और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद बीजेपी की ख़ामोशी पर लगातार प्रहार किया जा रहा हैं. लेकिन बीजेपी के सभी नेताओं ने चुप्पी साध रखी हैं.

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष शहला राशिद ने इस मामलें को लेकर बीजेपी पर को  पिछले साल हुई 9 फरवरी को जेएनयू में हुई घटना की याद दिलाते हुए कहा कि ”उमर खालिद का लिंक तो जैश-ए-मोहम्मद से नहीं निकला लेकिन BJP के नेता ध्रुव सक्सेना का लिंक ISI से निकल आया” कहां है वह उपद्रवी ?

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

याद रहें कि 9 फरवरी की घटना के बाद एनयू छात्र उमर खालिद को पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जोड़ा गया था. तमाम न्यूज़ चैनल 24 घंटे उमर खालिद को घोषित करने में लगे हुए थे. लेकिन अब ISI के जासूसों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) के नेता और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद भी देश की मीडिया इस मुद्दें पर ख़ामोशी इख्तियार क्र बेठी हुई हैं.

Loading...