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नई दिल्ली: दलित नेता और गुजरात से पहली बार विधायक बने जिग्नेश मेवाणी ने दिल्ली पुलिस की और से इजाजत देने दे मना करने के बाद भी संसद मार्ग से पीएम निवास तक ‘युवा हुंकार रैली’ की. हालांकि पुलिस ने पार्लियामेंट स्‍ट्रीट पर  अपने भारी बंदोबस्त किये हुए है.

रैली में जेएनयू छत्र उमर खालिद ने कहा कि हमें चंद्रशेखर, रोहित वेमुला के लिए इंसाफ़ चाहिए. चंद्रशेखर देश के लिए खतरा है, वह देश के लिए नहीं मनुवादियों के लिए खतरा है.ये सरकार मनुवादियों की सरकार है. हम सारे आंदोलनों को साथ लाएंगे.  क्या रोज़गार मिला?, नफरत फैलाने से कुछ नहीं होगा.

खालिद ने सीएम योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लेते हुए कहा, ‘योगी दलितों से तो मिलते हैं लेकिन उन्हें साबुन और शैम्पू भेजते हैं ताकि वह पहले खुद को साफ कर सकें. टीवी में हो रहा हल्ला सड़कों के गुस्से को नहीं दिखाता. पीएम मोदी का बुलबुला फूट चुका है, इसके लिए छात्रों, औरतों, किसानों और अल्पसंख्यकों को धन्यवाद. हम नफरत नहीं चाहते, हम हमारा अधिकार चाहते हैं.’

रैली से पहले जिग्नेश मेवाणी ने भी ट्वीट कर बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा, बांध ले बिस्तर बीजेपी, राज अब जाने को है, ज़ुल्म काफ़ी कर चुके, पब्लिक बिगड़ जाने को है.

रैली की इजाजत नहीं मिलने पर जिग्नेश ने कहा कि हम संविधान के दायरे में रहकर काम करते हैं. चंद्रशेखर रावण को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, उसका हम विरोध करने पहुंचे है. देश में हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया गया था, वो पूरा नहीं किया. सामाजिक न्याय के साथ धोखा हुआ. दलितों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं और अल्पसंख्यकों को बोलने नहीं दिया जा रहा है. इससे दुर्भाग्यपूर्ण क्या होगा?

उन्होंने कहा कि हम तो सिर्फ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने जा रहे हैं, सरकार हमें निशाना बना रही है, एक निर्वाचित प्रतिनिधि को बोलने की इजाजत नहीं दी जा रही है.