मुंबई | पिछले साल योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को महाराष्ट्र में फ़ूड पार्क लगाने के लिए जमीन आवंटित की गयी थी. सरकार ने घोषणा की थी की फ़ूड पार्क के लिए जो जमीन बाबा रामदेव को दी जायेगी उसमें सरकार 75 फीसदी की छूट देगी. सरकार की यह घोषणा सीनियर ब्यूरोक्रेट्स विजय कुमार को पसंद नही आई और उन्होंने इस पर सवाल खड़े किये.

मिली जानकारी के अनुसार फाइनैंशल रिफॉर्म्स के प्रिंसिपल सेक्रटरी विजय कुमार ने मार्च में फाइनेंसियल कैलकुलेशन के दौरान इस मामले पर सवाल खड़े किये. उन्होंने कम कीमत पर रामदेव को जमीन देने का विरोध किया. जिसकी कीमत उनको चुकानी पड़ी और अप्रैल में उनका तबादला कही और कर दिया गया. जबकि कुमार का ट्रान्सफर हुए अभी एक साल भी खत्म नही हुआ था.

प्रक्रिया के मुताबिक किसी भी जगह ट्रान्सफर के बाद कम से कम तीन साल की सर्विस का समय दिया जाता है. फ़िलहाल विजय कुमार की पोस्टिंग एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में कर दी गयी. हालाँकि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनविस् का कहना है की रामदेव की कंपनी पतंजली को नियमो के तहत और पारदर्शिता के साथ जमीन दी गयी है. विजय कुमार के ट्रान्सफर पर उन्होंने कहा की हमने नियमो के तहत विजय कुमार का तबादला किया.

फडनविस ने यह भी कहा की विजय कुमार को उनकी पसंद के हिसाब से पोस्टिंग दी गयी है. फ़िलहाल पुरे मामले पर विजय कुमार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नही मिली है. मिली जानकारी के अनुसार नागपुर में बाबा रामदेव को जमीन आवंटित की गयी है. यहाँ पतंजली अपना फ़ूड कोर्ट बनाएगी. मूल्य की बात करे तो इस इलाके में एक एकड़ जमीन की कीमत करीब एक करोड़ रूपए है लेकिन बाबा रामदेव को केवल 25 लाख रूपए प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन दी गयी है जिसका विजय कुमार विरोध कर रहे थे.

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