Saturday, September 18, 2021

 

 

 

रोज़गार और जीडीपी के आंकड़े दबाने का लगाया आरोप, एनएससी के चेयरमैन और सदस्य का इस्तीफा

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राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के दो सदस्यों पीसी मोहनन और जेवी मीनाक्षी ने सरकार से कुछ मुद्दों पर असहमति के कारण अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। मोहनन भारतीय सांख्यिकी सेवा के पूर्व अधिकारी है और मीनाक्षी दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में प्रोफेसर हैं। आयोग की वेबसाइट के मुताबिक दोनों का कार्यकाल साल जून 2020 में पूरा होना था।

बिज़नेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक वे सरकार के रवैये से निराश थे। उनके इस्तीफे की मुख्य दो वजहें बताई जा रही हैं। पहला- नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) के 2017-18 के रोजगार सर्वेक्षण को जारी करने में हो रही देर और बीते साल आए बैक सीरीज जीडीपी डेटा को जारी करने से पहले आयोग की सलाह न लेना।

इस अख़बार से बात करते हुए मोहनन ने कहा, ‘हमने आयोग से इस्तीफा दे दिया है। कई महीनों से हमें लग रहा था कि सरकार द्वारा हमें दरकिनार करते हुए गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था। आयोग के हालिया फैसलों को लागू नहीं किया गया।’

कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने ट्वीट कर कहा कि राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग से सभी गैर सरकारी सदस्यों के इस्तीफे ने एक और सार्वजनिक संस्थान को अयोग्य और दंतहीन बना दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल से अपने गलत प्रशासन के तमाम डेटा और आंकड़ों को हटाने की सरकार के उद्देश्य को पूरा करता है।

इन दोनों सदस्यों के इस्तीफा देने के बाद से अब चार सदस्यों वाले आयोग में सिर्फ दो सदस्य रह जाएंगे। इसमें मुख्य सांख्यिकीविद प्रवीण श्रीवास्तव और नीति आयोग के अमिताभ कांत हैं।

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