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नोटबंदी के बाद माना जा रहा था कि केंद्र सरकार के इस फैसले से राजनीतिक पार्टिया काफी प्रभावित होंगी क्योंकि उनके पास बड़ी मात्रा में नगदी होती हैं. ऐसे में अब सरकार के फैसले ने राजनीतिक पार्टियों को पुराने नोट जमा कराने पर काफी राहत दी हैं.

केंद्र सरकार ने साफ किया है कि राजनीतिक पार्टियां पुरानी करंसी को अपने खातों में जमा करा सकती हैं और उन्हें इस पर आयकर से छूट मिलेगी. हालांकि इसमें कुछ शर्तों का प्रावधान हैं.

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वहीँ वित्त सचिव अशोक लवासा ने बताया कि आयकर अधिनियम के तहत राजनीतिक पार्टियों को अपने खातों में नगद जमा करने की छूट है हालाँकि वह 20 हजार रुपये तक का चंदा कैश में लिया हुआ हो और चंदा देने वाले शख्स का पूरा विवरण उनके पास हो.

राजस्व सचिव हंसमुख अढ़िया ने बताया, ‘राजनीतिक दलों के खातों में अगर पैसे जमा हैं तो उन पर टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन अगर यह किसी व्यक्ति के खाते में जमा होगा तो उस पर हमारी नजर रहेगी. अगर कोई व्यक्ति अपने खाते में पैसे जमा कर रहा है तो हमें उसकी जानकारी मिलेगी.

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