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नोटबंदी के बाद देश भर में पैदा हुई अराजकता से भारत में स्थित विदेशी दूतावास भी अछूते नहीं रहे हैं. रूस और पाकिस्तान इस मुद्दें को लेकर पहले ही अपना विरोध विदेश मंत्रालय के सामने दर्ज करा चुके हैं. अब देश में मौजूद 157 देशों के दूतावासों ने नोटबंदी के मुद्दे पर आपत्ति जताते हुए सरकार से शीघ्र ही समस्या को हल करने की अपील की है.

इन सभी दूतावासों ने कैश निकालने की तय सीमा निश्चित करने को लेकर विएना संधि का उल्लंघन करार दिया हैं. डोमोनीकन रिपब्लिन के राजूदत फ्रांस हैंस डानन बर्ग कास्तालानोस और भारत में 157 दूतावास के प्रतिनिधियों ने कहा कि दूतावासों और कूटनयिकों के अपने खातों तक पहुंच सीमित करना, विएना समझौते का उल्लंघन और कूटनयिक सिद्धातों के विरुद्ध है.

उन्होंने आगे कहा कि शीघ्र ही दूतावासों तथा कूटनयिकों की अपने खातों तक पहुंच सरल बनाई जाए. उन्होंने प्रधानमंत्री सहित भारतीय अधिकारियों की अनदेखी पर नारजगी जाहिर करते हुए कहा कि भारत सरकार को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए.

गौरतलब रहें कि इससे पहले क़ज़ाक़िस्तान, यूक्रेन, सूडान और रूस के दूतावासों ने कालेधन से मुक़ाबले के लिए भारत सरकार की योजना पर आपत्ति जताते हुए अपने दूतावासों को इससे अलग करने की मांग की थी


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