पतंजलि के जरिए करोड़ों का टर्न ओवर करने वाले रामदेव को आस्था चैनल पर लगने वाले मामूली से टैक्स से दिक्कत है.

उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार आस्था, अरिहंत और वैदिक जैसे आध्यात्मिक और भक्ति चैनलों से हाई टैक्स के तौर पर एक-एक लाख रुपये मांग रही है. रामदेव का कहना है कि आस्था के नाम पर शर्मनाक बात है.

ध्यान रहे रामदेव अपने पतंजलि के उत्पादों का ज्यादातर प्रचार इन चैनलों के माध्यम से ही करते है. जिससे पतंजलि करोड़ों का मुनाफा कमा रही है.

रामदेव का कहना है कि हम लोगों को इस तरह के फी और टैक्स से मुक्त किया जाना चाहिए. रामदेव ने कहा कि कोई भी बाबा कहां से इतना पैसा देगा. उन्होंने कहा कि साधु-संतों पर टैक्स मत लगाओ. हम लोग धार्मिक हैं. अपने देश से प्यार करते हैं.

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इस दौरान रामदेव ने आस्था चैनल के मोबाइल एप को लॉन्च भी किया. उन्होंने बताया, एप पर आध्यात्मिक संग्रह विभिन्न हिन्दी-अंग्रेजी के अलावा तमिल, तेलगु, कन्नड़, मलयालम,उड़िया, बांग्ला और मराठी भाषाओं में भी उपलब्ध होंगे.