Thursday, October 21, 2021

 

 

 

आतंकियों का न तो कोई धर्म और नहीं कोई जाति, सिर्फ मानवता के दुश्मन: उपराष्ट्रपति

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उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज कहा कि एक आतंकवादी की न तो कोई जाति होती है और ना ही कोई धर्म। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है।

उन्होंने सभी देशों और संयुक्त राष्ट्र से वि से आतंकवाद को खत्म करने के लिए मजबूत कदम उठाने का आवान किया। नायडू ने कहा कि यह समस्या अपनी जड़ें फैला रही है।

नायडू ने यहां डाक्टर राजेंद्र प्रसाद स्मारक व्याख्यान 2017 में कहा, कुछ लोग आतंकवाद को धर्म से जोड़ रहे हैं। आतंकवाद को धर्म से जोड़ना आतंकवादियों द्वारा अपनाए गए गलत रास्ते को मजबूत करने का प्रयास है। आतंकवादी आतंकवादी होता है। आतंकवादी का कोई धर्म, जाति नहीं होती और वह मानवता का दुश्मन होता है।

उन्होंने कहा कि जैसे ही दुनिया से आतंकवाद खत्म होगा, उतनी ही जल्दी देश विकसित होंगे। नायडू ने कहा, अगर तनाव होगा तो आप विकास पर ध्यान नहीं दे सकते। यह साधारण सी बात है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि हिंसा समाज में कोई सकारात्मक बदलाव नहीं ला सकती और उन्होंने केन्द्र एवं राज्य सरकारों से हथियार उठाने वालों के खिलाफ समन्वयित प्रयास का आवान किया। (भाषा)

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