नई दिल्ली | बुधवार को मोदी सरकार की कैबिनेट ने एक अहम् फैसला लेते हुए लाल बत्ती के इस्तेमाल पर पाबन्दी लगा दी. इसके बाद कोई भी कैबिनेट मंत्री अपनी गाडी पर लाल बत्ती का इस्तेमाल नही कर सकेगा. इस आदेश को 1 मई से लागू करने का फैसला किया गया है. हालाँकि इस फैसले से कुछ सेवाओं को अलग रखा गया है. इसके अलावा राज्य सरकार को अपने विवेक से फैसला लेने को कहा गया है.

बुधवार को मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक बुलाई गयी. हालाँकि बैठक में पहले से लाल बत्ती कल्चर को खत्म करने का एजेंडा नही रखा गया था. लेकिन बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में प्रस्ताव रखा. जिस पर कैबिनेट ने अपनी मोहर लगा दी. सरकार के फैसले के बाद नेता, मंत्री और अधिकारी अपनी गाडी पर लाल बत्ती का इस्तेमाल नही कर पायेगा.

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हालाँकि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को इससे अलग रखा है. आदेश में राज्य सरकार को छूट दी गयी है की वो इसे लागु करना चाहती है या नही. लेकिन 1 मई से केंद्र सरकार के अधीन आने वाले मंत्री और अधिकारियो के ऊपर यह आदेश लागु होगा. हालाँकि कुछ ऐसे सेवाए है जिनको इसमें छूट दी गयी है. पुलिस, एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओ को इस आदेश से अलग रखा गया है.

बताते चले की दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद वीआईपी कल्चर खत्म करने को लेकर खूब चर्चाये हुई थी. खुद केजरीवाल सरकार ने इसे लागु भी किया है. इसके अलावा उन्होंने पंजाब चुनावो के दौरान भी वादा किया था की सरकार बनने के बाद राज्य से वीआईपी कल्चर खत्म किया जायेगा. फ़िलहाल दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने मुख्यमंत्री से लेकर अधिकारियो तक , लाल बत्ती के इस्तेमाल पर रोक लगाई हुई है.

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