kerala love jihad

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नई दिल्ली – केरल की मशहूर कथित लव जिहाद के मामले में एक नया मोड़ आ गया है केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए कहा है कि इस मामले में केरल पुलिस ने यह पाया है कि ऐसा कुछ भी नहीं है जैसा कि प्रचारित किया गया था.

गौरतलब है कि कुछ हिंदूवादी संगठनों ने यह आरोप लगाया था कि कि केरल में लव जिहाद चल रहा है लव जेहाद मतलब, मुस्लिम लड़कों द्वारा हिंदू लड़की को प्रेमजाल में फंसाकर उनसे शादी करना तथा उनका धर्म परिवर्तन करवाना वैसे इस मामले की जांच एनआईए कर रही थी.

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पिछले दिनों यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट से सवाल किया था कि किसी बालिग़ लड़की की शादी को वह कैसे ख़ारिज कर सकता है उसके बाद इस मामले में केरल सरकार की तरफ से दाखिल किए गए हलफनामे में कहा गया कि केरल क्राइम ब्रांच ने इस मामले की पूरी जांच की जिसमें कहीं भी ऐसा नहीं पाया गया कि इस्लाम धर्म अपनाने वाली लड़की जिसका नाम है हदिया था को सुनियोजित तरीके से मुसलमान बनाने की शादी की गई हो इसे यह बात साबित होती है कि यह मामला बिल्कुल फर्जी था और इस मामले को राजनीतिक कारणों से तूल दिया गया था

हालांकि यह मामला मुस्लिम युवक और हिंदू युवती के साथ जुड़ा था और युवती ने शादी करने के बाद इस्लाम धर्म अपना लिया था केरल हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर 24 मई 2017 को अपने दिए गए आदेश में अमान्य करार दिया था. वही युवती के पिता का कहना है की युवती पीड़ित है जो सुगठित रैकेट की तरफ से एक प्रेम जाल में फंस गई है यह रैकेट लोगों को मनोवैज्ञानिक तरीके से दीक्षा देकर इस्लाम धर्म अपनाने पर मजबूर करता है.

 जबकि युवती का कहना है कि शरीफ जहान अपराधी है और उसकी बेटी को एक नेटवर्क की तरफ से पास आ गया है जिसका संबंध पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से है और यहां तक कि इस्लामिक स्टेट तक से है युवती के पिता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि एक बार मेरी बेटी ने मुझे बताया था कि वह सीरिया में जाकर भेड़ें चराना चाहती है, लड़की के पिता ने यह भी कहा कि केरल में इस तरह के धर्मांतरण दुर्लभ नहीं है.