विवादित सलाफी स्कॉलर जाकिर नाईक के मामले में मलेशिया का कहना है कि उनके देश में इंतिहा-पसंद लोगों के लिए कोई जगह नहीं है.

नई दिल्ली में प्रवासी सांसद सम्मेलन में हिस्सा लेने आए मलेशिया पीएमओ में मंत्री एसके देवामनी ने अपने एक बयान में कहा कि हमारे देश में अतिवाद के लिए जगह नहीं है, हम अपने देश में ऐसे किसी भी व्यक्ति को जगह नहीं देंगे जो हमें ये बताए कि हमें अपने धर्म का किस तरह पालन करना चाहिए.

इंडिया टुडे से बातचीत में मलेशियाई मंत्री ने कहा कि हम अभी उनकी नागरिकता पर स्पष्टता पाने की कोशिश कर रहे हैं, हम नहीं चाहते कि कोई व्यक्ति हमारे देश की इमेज पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब हमारे प्रधानमंत्री आसियान बैठक में यहां आएंगे तो भारत को इस मुद्दे को उठाना चाहिए.

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ध्यान रहे इससे पहले मलेशिया के उप प्रधान मंत्री अहमद ज़ाहिद हमीदी ने कह चुके है कि अगर भारत जाकिर नाइक के निर्वासन की मांग करता है तो जाकिर नाईक को भारत निर्वासित किया जाएगा. हालांकि भारत ने अभी इस बारें में कोई निवेदन नहीं किया है.

इस मामले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि जाकिर नाईक के बारे में मलयेशिया से औपचारिक अनुरोध किया जाएगा.

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