iqb

विजयदशमी से पहले अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक प्रमुख मोहन भागवत ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होने कहा कि मंदिर पर चल रही राजनीति को खत्म कर इसे तुरंत बनाना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत हो तो सरकार इसके लिए कानून बनाए।

इस बयान पर अयोध्या विवाद मामले में मुस्लिम पक्षकार इक़बाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।  इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या मामले पर अगर कोर्ट के बाहर कोई क़ानून बनता है तो देश का कोई भी मुसलमान उसे नहीं मानेगा। हालांकि उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का वो सम्मान करेंगे।

इकबाल अंसारी ने भी कहा कि जब चुनाव आता है तो तमाम लीडरों को राम और राम मन्दिर याद आते हैं। इकबाल अंसारी ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में हो और बाहर कानून बनाया जाय, इस पर ऐसा लगता है कि हिंदुस्तान में कोर्ट अलग है और हिंदुस्तान अलग है।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और हम चाहते हैं कि फैसला कोर्ट के माध्यम से हो। कोर्ट जो भी फैसला करेगा उसे हर मुसलमान मानेगा। बाहर कोई भी कानून बने उसे मुसलमान नहीं मानेगा। जब हिंदुस्तान का संविधान मुसलमान मान रहा है तो हिदुस्तान के कोर्ट की बात भी मुसलमान मानेगा।

वहीं आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान से उन्हें कोई ताज्जुब नहीं हुआ है। चुनाव से पहले हर इस तरह का का माहौल तैयार किया जाता है। हर बार चुनावों से पहले ये मुद्दा जानबूझकर कर उठाया जाता है।

फरंगी महली ने कहा कि चुनाव मज़हबी बातों पर नहीं होना चाहिए। चुनाव आम लोगों के मुद्दों पर लड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या जमीन विवाद सुप्रीम कोर्ट में है, लिहाजा वहां के फैसले का इंतजार करना चाहिए।

Loading...