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बिहार के सीतामढ़ी में पिछले 20 अक्टूबर को हुई दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प में जैनुल अंसारी (82) को जलाकर मार दिया था। इस मामले में पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने जुलूस को इस इलाके से न निकालने की पहले ही चेतावनी जारी की थी। लेकिन फिर भी इलाके से जुलूस निकाला गया। जिसके बाद दो समुदायों में हिंसा फ़ेल गई। सी दिन जैनुल अंसारी (82) बहन से मिलकर आ रहे थे जो शहर से तकरीबन 7 किलोमीटर दूर था। वह साइकिल से घर वापस आ रहे थे। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए स्‍थानीय लोगों ने उन्‍हें न जाने की सलाह भी दी थी।

उन्‍होंने उनमें से एक को कहा था कि बुजुर्ग व्‍यक्ति का कोई क्‍या करेगा? कुछ घंटों के बाद उनका जला हुआ शव बरामद हुआ था। उनकी दोनों बांहें और पैर बुरी तरह जले हुए थे। उनके परिवार का आरोप है कि उग्र भीड़ ने उन्‍हें निशाना बना लिया। उनके शव को पोस्‍टमार्टम के लिए सीतामढ़ी से 70 किलोमीटर दूर मुजफ्फरपुर भेजा गया था।

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इस मामले में एसपी विकास वर्मन ने बताया था- “कि इस हिंसक झड़प में एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है।” बाद में मृतक व्यक्ति की पहचान जैनुल अंसारी नाम से हुई जिसकी उम्र करीब 80 साल थी। बताया जा रहा है कि जैनुल अंसारी अपनी बेटी के घर से लौट रहे थे। तभी वह दोनों पक्षों की हिंसा के शिकार हुए और भीड़ ने उनको जमकर पीटा। इसके बाद फिर उन्हें जिंदा जला दिया गया।

पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने के दो दिन बाद जैनुल अंसारी की जली हुई बॉडी की पहचान की थी।स्‍थानीय पुलिस ने जैनुल अंसारी की हत्‍या मामले में अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। एसपी विकास बर्मन ने बताया कि इस मामले में अलग से केस दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस ने दंगा करने का मामला दर्ज किया है। अंसारी का शव मिलने के बाद उसी में हत्‍या की धारा जोड़ दी गई।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभी तक इस हत्‍याकांड में किसी की पहचान नहीं की जा सकी है। किसी संगठन या गुट की संलिप्‍तता भी सामने नहीं आई है। दशहरा के दौरान हिंसा के मामले में सीतामढ़ी पुलिस ने 6 FIR दर्ज की है। साथ ही 38 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, लेकिन अंसारी की हत्‍या के मामले में अभी तक किसी को नहीं पकड़ा गया है।

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