केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने बताया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के नियमों को लागू होने में छह और महीने लग सकते हैं, जबकि देशव्यापी नागरिक रजिस्टर (NRC) के बारे  निर्णय लेना बाकी है।

द वायर की एक रिपोर्ट के मुताबिक संसदीय समिति ने मंत्रालय से यह कहते हुए सवाल पूछा था कि एनपीआर और जनगणना को लेकर पहले ही काफी संशय और आक्रोश देखा जा रहा है खासतौर से जबसे सरकार ने यह संकेत दिए है कि केंद्र सरकार जल्द ही एनआरसी लागू करेगी।

इसके जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा कि, “जनगणना के दौरान किसी भी भी निजी स्तरीय सूचनाएं गुप्त रहती हैं। जनगणना में सिर्फ संकलित आंकड़े ही विभिन्न प्रशासनिक स्तर पर जारी किए जाते हैं। पहले की ही तरह इस बार भी जनगणना को लेकर लोगों में जागरुकता पैदा करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार किया जाएगा ताकि 2021 की जनगणना सफलतापूर्वक पूरी हो सके। जनगणना के लिए प्रश्नावली का एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) के साथ देशभर में सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया गया है। सरकार के विभिन्न स्तरों पर समय-समय पर यह स्पष्ट किया जाता रहा है कि फिलहा एनआरसी लागू करने पर कोई फैसला नहीं हुआ है।”

गृहमंत्रालय की ओर से कहा गया है कि जनगणना के दौरान जो भी जानकारी ली जाती है उसे निजी स्तर पर गोपनीय रखा जाता है। हम लोगों को इस बारे में जागरूक कर रहे हैं ताकि 2021 में जनगणना को लेकर किसी भी तरह का भ्रम लोगों में ना फैले। इसके लिए बड़े स्तर पर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। बता दें कि 17 जुलाई 2019 को अमित शाह ने राज्यसभा में कहा था कि भारत में गैर कानूनी तरह से रह रहे लोगों की सरकार पहचान करेगी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत देश से बाहर करेगी।

वहीं सीएए को लेकर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत नियमों को तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीएए को 12 दिसंबर, 2019 को अधिसूचित किया गया था और 20 जनवरी, 2020 से यह अमल में आया। उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘सीएए के तहत नियमों को तैयार किया जा रहा है। लोकसभा एवं राज्यसभा की अधीनस्थ विधान संबंधी समितियों के लिए अवधि भी बढ़ाकर क्रमश: नौ अप्रैल और नौ जुलाई कर दी गई है ताकि सीएए के तहत नियमों को तैयार किया जा सके।’