संसद में बोली मोदी सरकार – ‘केरल में लव जिहाद का कोई मामला नहीं’

गृह मंत्री जी किशन रेड्डी ने जवाब में कहा, “लव जिहाद ‘शब्द को मौजूदा कानूनों के तहत परिभाषित नहीं किया गया है। लव जिहाद ’का ऐसा कोई मामला केंद्रीय एजेंसियों द्वारा नहीं बताया गया है।”

गृह मंत्रालय (Home Minister) ने एक लिखित जवाब में लोकसभा में लव जिहाद के मामले पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा कानून में “लव जिहाद’ जैसे शब्द की कोई परिभाषा नहीं है और न ही किसी केंद्रीय एजेंसी ने ऐसे किसी केस की जानकारी दी है।

दरअसल, केरल के कांग्रेस सांसद बेन्नी बेहनान ने सवाल किया था कि क्या पिछले दो साल में केंद्रीय एजेंसियों के पास लव जिहाद का कोई केस आया है? पिछले महीने केरल के एक कैथोलिक चर्च ने दावा किया था कि लव जिहाद वास्तविकता है।

जी किशन रेड्डी ने कहा, “संविधान का अनुच्छेद 25 धर्म के पालन, उसे स्वीकार करने और उसके प्रचार की आजादी देता है, यह सामाजिक दर्जे, नैतिकता और स्वास्थ्य से जुड़ा है। कई अदालतों ने भी इस नजरिये को कायम रखा है और केरल हाईकोर्ट ने भी इसी बात को माना है।’ हालांकि, मंत्री ने यह जरूर कहा कि केरल में अलग-अलग धर्मों के बीच हुई शादियों के दो मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है।

बता दें कि केरल में ‘लव जिहाद’ के कई संदिग्ध मामले सामने आए, जिनमें हादिया मामला उनके बीच सबसे चर्चा में रहा था। शुरू में, यह कथित तौर पर, ‘लव जिहाद’ का मामला था, लेकिन बाद में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से साफ हुआ कि यह लव जिहाद का केस नहीं था।

जनवरी 2020 में केरल के एक प्रभावशाली कैथोलिक चर्च मे कहा था कि ‘लव जिहाद एक सच्चाई है।’ साथ ही यह आरोप लगाया था कि दक्षिणी राज्य की ईसाई समुदाय की ज्यादातर महिलाओं को इस्लामिक स्टेट के जाल में फंसाया गया और आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया।

इससे पहले राज्य के वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने कहा- चर्च के आरोपों में कोई भी तथ्य नहीं है। इस तरह के आरोप पहले भी लगाए गए थे, लेकिन सरकारी जांच में इनमें कोई सच्चाई नहीं निकली।

विज्ञापन