देश के मिडिल क्लास के लिए मोदी सरकार जल्द ही एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। दरअसल, सरकार अब मिडिल क्‍लास के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करने पर विचार कर रही है। यह व्यवस्था उन लोगों के लिये होगी जो अबतक किसी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के दायरे में नहीं आते।

न्‍यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक नीति आयोग ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। हेल्थ सिस्टम (Health System) फॉर न्यू इंडिया रिपोर्ट नीति आयोग ने तैयार की है।वैसे तो आयुष्मान भारत स्कीम (Ayushman Bharat) देश के निम्न आय वर्ग के लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और इलाज के लिए स्कीम है लेकिन, मिडिल क्लास के लिए कोई भी ठोस हेल्थकेयर सरकारी नीति या योजना नहीं है।

नीति आयोग ने ‘नये भारत के लिये स्वास्थ्य प्रणाली: ब्लाक निर्माण-सुधार के लिये संभावित मार्ग’ शीर्षक से रिपोर्ट जारी करते हुए यह बात कही। यह रिपोर्ट नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने जारी की। इस मौके पर बिल और मेलिन्डा गेट्स फाउंडेशन (Bill and Melinda Gates Foundation) के सह-अध्यक्ष बिल गेट्स भी मौजूद थे।

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नीति आयोग के सलाहकार (स्वास्थ्य) आलोक कुमार ने कहा कि रिपोर्ट का मकसद मध्यम से दीर्घ अवधि के लिये मध्यम वर्ग से जुड़े लोगों के लिये के स्वास्थ्य प्रणाली का खाका तैयार करना है। इसमें मध्यम वर्ग पर गौर किया गया है क्योंकि गरीबों के लिये पहले ही आयुष्मान भारत योजना शुरू की जा चुकी है जबकि जो आर्थिक स्थिति से सबल हैं, वे चिकित्सा खर्च को उठाने में सक्षम हैं।

कुमार ने कहा, करीब 50 प्रतिशत आबादी अभी भी किसी सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी नहीं है। उनके लिये उनसे मामूली राशि लेकर ऐसी प्रणाली तैयार करने का विचार है जो मध्यम वर्ग की स्वास्थ्य देखभाल जरूरतों को पूरा कर सके। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग में आने वाले लोगों को अगर देश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा व्यवस्था के निर्माण के लिये 200 या 300 रुपये देने पड़ते हैं, तो उन्हें कोई समस्या नहीं होगी। यह योजना व्यवहारिक लग रही है।

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