regional editors’ conference in chennai
Chennai: Minister of Commerce & Industry, Nirmala Sitharaman addressing the Regional Editors’ Conference in Chennai on Friday. PTI Photo by R Senthil Kumar (PTI9_2_2016_000244B)

नई दिल्ली । राफ़ेल सौदे को लेकर देश की सियासत गर्मायी हुई है। विपक्ष किसी भी सूरत में इस मुद्दे को हाथ से नही देना चाहता वही मोदी सरकार लगातार ख़ुद को पाक साफ़ साबित करने की पुरज़ोर कोशिश कर रही है। लेकिन हर बार कुछ न कुछ ऐसा हो जाता है की विपक्ष को प्रधानमंत्री मोदी को घेरने का मौक़ा मिल जाता है। बीते दिनो राफ़ेल बनानी वाली कम्पनी के एक बड़े अधिकारी के ख़ुलासे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम को भ्रष्ट तक बता दिया।

इसके अलावा राहुल ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के फ़्रांस दौरे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या रक्षा मंत्री जी फ़्रांस में सौदे में हुई गड़बड़ियों को व्यस्थित करने गयी है। राहुल के वार के बाद भाजपा ने गुरुवार शाम को प्रेस वार्ता कर राहुल गांधी और उनके परिवार पर हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी परिवार को भ्रष्ट और बिचौलियों का परिवार क़रार दिया।

अब विपक्ष के सभी हमलों पर सफ़ाई देने के लिए ख़ुद रक्षा मंत्री सामने आयी है। उन्होंने फ़्रांस में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा की उन्हें बिलकुल उम्मीद नही थी दसॉल्ट एविएशन अनिल अंबानी की रिलांयस से करार करने वाली है। दसॉ पार्टनर चुनने के लिए स्वतंत्र थी। हम इस बारे में बहुत स्पष्ट हैं। फ्रांस की सरकार के साथ हमने उड़ने की हालत वाले 36 राफेल डील खरीदने की डील की थी और दो सरकारों के बीच होने वाले समझौते में किसी व्यक्तिगत फर्म या कंपनी का जिक्र नहीं है।

उधर, दसॉल्ट कंपनी के सीईओ एरिक ट्रेपियर का कहना है कि रिलायंस के साथ दसाल्ट एविएशन का संयुक्त उपक्रम राफेल लड़ाकू विमान करार के तहत करीब 10 फीसदी ऑफसेट निवेश का प्रतिनिधित्व करता है। सीईओ ट्रेपियर ने कहा, ‘हम करीब 100 भारतीय कंपनियों के साथ बातचीत कर रहे हैं जिनमें करीब 30 ऐसी हैं जिनके साथ हमने पहले ही साझेदारी की पुष्टि कर दी है।

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