Saturday, July 24, 2021

 

 

 

निर्भया के दोषियों को दी गई 7 साल के बाद फांसी, पोस्टमार्टम के बाद सौंपे जाएंगे परिवार को शव

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निर्भया गैंगरेप के मामले में चारों दोषियों को 7 साल के बाद तिहाड़ जेल में शुक्रवार सुबह फांसी की सजा दे दी गई। इस मामले में तीन डेथ वारंट पर किसी न किसी वजह से फांसी पर रोक लगी लेकिन कोर्ट के चौथे डेथ वारंट पर चारों दोषियों को फांसी की सजा दी गई।

इससे पहले दोषियों के वकील एपी सिंह ने आखिरी वक्त तक दोषियों को फांसी से बचाने की कोशिश की। देर रात सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सभी दलीलों को खारिज कर दी, जिसके बाद चारों दोषियों के फांसी का रास्ता साफ हो गया। बता दें कि 16 दिसंबर 2012 के दिन राजधानी दिल्ली में चलती बस के दौरान एक लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ था।

फिलहाल चारों की लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस बीच तिहाड़ प्रशासन ने चारों दोषियों के परिवारवालों से शव लेने के लिए कहा है। हालांकि, अभी तक चारों गुनहगारों के परिवार की ओर से कोई दावा नहीं किया गया है। ऐसे में अब चारों लाशों का अंतिम संस्कार तिहाड़ प्रशासन ही करा सकता है। जिस जेल नंबर तीन में चारों को फांसी दी गई है, वहीं चारों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है।

इस बीच फांसी पर लटकाए जाने से पहले निर्भया के चारों दोषियों ने अपनी कोई अंतिम इच्छा जाहिर नहीं की थी। तिहाड़ जेल प्रशासन का कहना है कि दोषियों की ओर से जेल में कमाए गए पैसे को उनके परिजनों को दिया जाएगा। इसके अलावा उनके कपड़े और सभी सामान भी परिजनों को दिए जाएंगे।

निर्भया की मां आशा देवी ने लंबे समय तक इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ी, आज जब दोषियों को फांसी दी गई तो उन्होंने ऐलान किया कि 20 मार्च को वह निर्भया दिवस के रूप में मनाएंगी। आशा देवी का कहना है कि वह अब देश की दूसरी बेटियों के लिए लड़ाई लड़ेंगी।

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