द नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग ने (NIOS) ने एक नया पाठ्यक्रम जारी किया है। जिसके तहत 100 मदरसों में गीता और रामायण पढ़ाई जाएगी। एनआईओएस की चेयरमैन सरोज शर्मा ने कहा कि भारतीय पारंपरित ज्ञान पद्धति को लेकर लोगों का रुझान बढ़े इसके लिए खास कदम उठाए जा रहे हैं।

बता दें कि NIOS SPQEM (स्पेशल प्रोविजन फॉर क्वालिटी एजुकेशन ऑफ मदरसा) के तहत मदरसों को मान्यता देता है। इस प्रावधान के तहत शिक्षार्थियों को विभिन्न विषयों की पेशकश की जाती है।

एनआईओएस ने भारतीय ज्ञान परंपरा के तहत 15 पाठ्यक्रमों को तैयार किया है। इसमें वेद, योग, विज्ञान, व्यवसायिक पाठ्यक्रम, संस्कृत भाषा, रामायण, भगवद् गीता, पाणिनी के द्वारा प्रतिपादित महेश्वर सूत्र शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों का स्तर कक्षा 3, 5 और 8 के बराबर होगा।

इस संबंध में शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को नोएडा स्थित एनआईओएस के मुख्यालय में इन विषयों से संबंधित स्टडी मैटेरियल को जारी किया। केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल ने मंगलवार को नोएडा स्थित एनआईओएस के केंद्रीय मुख्‍यालय में स्‍टडी मैटिरियल जारी किया है।

पोखरियाल ने कहा कि भारत प्राचीन भाषाओं, विज्ञान, कला, संस्‍कृति और परंपरा की खान है। अब देश अपनी प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित करके ज्ञान के क्षेत्र में सुपरपावर बनने को तैयार है। हम इन कोर्स के लाभ को मदरसों और विश्‍व में मौजूद भारतीय समाज तक पहुंचाएंगे।

बता दें कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) भारत के शिक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्थान है। NIOS उन स्टूडेंट्स को शिक्षा देने के लिए है जो रेग्युलर कक्षाओं में हिस्सा नहीं ले सकते हैं।