मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने असीमानंद की जमानत के खिलाफ अपील नहीं करने का फैसला लिया हैं. दरअसल असीमानंद पर हैदराबाद की मक्का मस्जिद में धमाकों का आरोप है. इन धमाकों में 9 लोगों की मौत हुई थी और करीब 58 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे

ये फैसला नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) की हैदराबाद ब्रांच द्वारा दिल्ली हेड ऑफिस को भेजे गए प्रपोजल के बाद लिया गया हैं. दिल्ली ऑफिस के सीनियर अधिकारियों ने अपील करने से मना कर दिया हैं. हालांकि जमानत को चैलेंज करने के लिए एजेंसी के पास पुख्ता सबूत थे. वहीं अगर अपील में कुछ खास नहीं होता तो इसे हाईकोर्ट खुद खारिज कर देता.

इस बारें में  शनिवार रात एनआईए डायरेक्टर जनरल शरद कुमार ने कहा कि ऑर्डर के आधार पर हम आगे की प्लानिंग कर रहे हैं. चंचलगुड़ा केंद्रीय कारावास से रिहा हुए असीमानंद सहित उसके सहयोगी भारत मोहनलाल रतेश्वर को 23 मार्च को जमानत दी थी. हालांकि असीमानंद को अदालत की इजाजत के बगैर हैदराबाद से बाहर नहीं जाने का निर्देश दिया गया हैं. साथ ही आवश्यकता पड़ने पर सुनवाई के दौरान हाजिर रहने को भी कहा गया है.

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18 मई 2007 को हुए मक्का मस्जिद बलास्ट मामलें में असीमानंद पर आरोप है कि मस्जिद के बाहर उन्होंने विस्फोटक साम्रगी रखी थी. इस ब्लास्ट में 16 लोगों की मौत हुई थी. मक्‍का मस्जिद मामले की जांच कर रही सीबीआई ने असीमानंद को नवंबर 2010 में गिरफ्तार किया था. इसके बाद इस मामले को राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया था. एनआईए की ओर से मई 2011 में चार्जशीट दायर की गई थी.

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