सलाफी, वहाबी स्कॉलर जाकिर नाईक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग मामले में एनआईए ने चार्जशीट दायर कर दी है. एनआईए के एक अधिकारी ने बताया, ‘हमने नाईक के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है.’

एनआईए द्वारा गुरुवार को विशेष अदालत में पेश 65 पन्नों की चार्जशीट में  नाइक पर हेट स्पीच और आतंक को बढ़ावा देने के आरोप लगाए गए हैं. इसके अलावा साथ में 1000 पन्ने के दस्तावेज भी है. जिनमे 80 गवाहों के बयान भी दर्ज हैं. जाकिर नाइक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए( लोगों धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना), 298( धार्मिकता पर प्रहार) और 505-बी(लोगों को राज्य के खिलाफ भड़काना) के तहत चार्जशीट फाइल की गई है.

ध्यान रहे एनआईए ने जाकिर नाइक के खिलाफ 18 नवंबर 2016 को केस दर्ज किया था. उसके एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को गृह मंत्रालय गैरकानूनी घोषित कर चुका है. साथ ही जाकिर नाईक का पासपोर्ट निरस्त भी कर दिया गया है. इसके अलावा भारत में जाकिर नाइक के पीस टीवी चैनल को भी बैन किया जा चूका है.

केंद्र सरकार नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को भी गैरकानूनी घोषित कर उसे आतंकी संगठनों की सूची में डाल चुकी है. इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को 17 नवंबर 2016 की अधिसूचना के तहत प्रतिबंधित सूची में डाला गया है. इस सूची में अलकायदा, इस्लामिक स्टेट, आईएसआईएस, दायेश सहित करीब 38 आतंकी संगठन शामिल है.

आप को बता दें कि जाकिर नाईक इस समय मलेशिया में रह रहा है. कहा जा रहा है कि उसे वहां की नागरिकता मिला चुकी है. एनआईए की मांग पर इंटरपोल ने हाल ही में जाकिर नाईक के खिलाफ नोटिस जारी किया था.

इस नोटिस के जवाब में उसने कहा कि भारतीय जांच एजेंसी उन्हें केवल इसलिए निशाना बना रही हैं क्योंकि वह मुस्लिम है. उन्होंने दावा किया कि उनके भाषण जिहाद को बढ़ावा देने वाले नहीं हैं. उनके भाषण केवल शांति के लिए हैं.

कोहराम न्यूज़ को सुचारू रूप से चलाने के लिए मदद की ज़रूरत है, डोनेशन देकर मदद करें




Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें