हैदराबाद की ऐतहासिक मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद सहित सभी 5 आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है. हैदराबाद की विशेष एनआइए कोर्ट ने सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी किया है.

रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती जांच के बाद स्थानीय पुलिस ने यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया था. सीबीआई ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. लेकिन अप्रैल 2011 में इसकी जांच एनआईए के हाथ में आ गई थी. इस मामले की सुनवाई के दौरान 226 गवाहों और 411 दस्तावेजों की पड़ताल की गई.

मक्का मस्जिद धमाका मामले में 10 आरोपितों में से केवल असीमानंद सहित के पांच आरोपितों की ही गिरफ्तारी हो पाई थी. इनमें से असीमानंद समझौता एक्सप्रेस और मालेगांव बम धमाके में भी आरोपित है. असीमानंद ने पहले इस धमाके में दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही थी लेकिन बाद में अपने बयान से मुकर गए थे.

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इसके अलावा मक्का मस्जिद बम धमाका मामले की जांच के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व पदाधिकारी सुनील जोशी की हत्या कर दी गई थी. साथ ही पूर्व आरएसएस कार्यकर्ता संदीप वी डांगे और आरएसएस कार्यकर्ता रामचंद्र कालसांगरा अभी तक फरार हैं.

बता दें कि 18 मई 2007 को हुए इस ब्लास्ट में 9 मारे गए थे जबकि 58 घायल हुए थे. बाद में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस फायरिंग में भी कुछ लोग मारे गए थे. एनआइए ने फैसले को लेकर कहा है कि हम कोर्ट के फैसले की कॉपी देखेंगे फिर आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला लेंगे.

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