भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन ब्लास्ट मामले की जांच कर रही जांच एजंसी एनआईए ने दावा किया हैं कि गिरफ्तार किये गए तीन आरोपियों में से एक ने खुलासा किया हैं कि ट्रेन ब्लास्ट से पहले आरोपियों के निशाने पर बाराबंकी स्थित वारिस पाक की दरगाह, लखनऊ का बड़ा इमाम बाड़ा और शिया समुदाय के एक बड़े मौलाना सलमान हुसैनी नदवी निशाने पर थे.

गिरफ्तार आरोपी सईद मीर हुसैन ने एनआईए को बताया कि वारिस पाक की दरगाह पर हमला करने के लिए फरवरी महीने में दरगाह का मुआयना भी किया था. धमाका करने के लिए जुमेरात का दिन चूना गया था. इसकी वजह थी. दरगाह पर जुमेरात के दिन जायरीनों की तादाद ज्यादा होना.

एनआईए  ने दावा किया कि बम रखने के लिए चार जगहों को भी चुना गया था. साथ ही जुमेरात के दिन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी. हालांकि लेकिन सुरक्षा के इंतजाम को देखते हुए प्लैन रद्द कर दिया गया. वहीं मौलाना सलमान हुसैनी नदवी की हत्या करने के लिए संगठन ने उनके घर का और मौलाना के रुटीन को भी मॉनिटर किया था.

गौरतलब है कि ट्रेन ब्लास्ट मामले में सईद मीर, मोहम्मद दानिश औक आतिफ मुजफ्फर को पिपरिया से गिरफ्तार किया था. वहीं मामले से जुड़ा चौथा संदिग्ध सैफुल्लाह लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में हुई मुठभेड़ में मार गिराया गया था.

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