राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक सहायक उप निरीक्षक को लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) से जुड़े सीमा पार से ड्रग तस्करों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

रोमेश कुमार जम्मू और कश्मीर में जनवरी 2020 के बाद से आतंकवादियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया दूसरा सुरक्षाकर्मी है। NIA ने पहले हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों की मदद करने के लिए पुलिस उपाधीक्षक दविंदर सिंह को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट्स के मुताबिक, जानकार बताते हैं कि बारामुल्ला और हंदवाड़ा इलाकों में तस्करों की जांच के लिए नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में डेप्युटेशन पर तैनात किया गया था। आरोप है कि इस दौरान उनके आतंकी समूहों से जुड़े ड्रग तस्करों के साथ काम करने लगा।

खास बात है कि ड्रग तस्करी के आरोपी से पूछताछ के दौरान एनसीबी ने कुमार के बीएसएफ में वापस भेज दिया था।एनआईए ने कुमार के आवास पर भी छापा मारा। कुमार को सोमवार को कई घंटों की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। उन्हें मंगलवार को जम्मू में एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया और दो सप्ताह की हिरासत में भेज दिया गया।

दिल्ली में बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा कि वे गिरफ्तारी के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने की कोशिश कर रहे थे और किसी भी आपराधिक मामले में गिरफ्तार किसी भी जवान या अधिकारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया।

एनआईए जून 2020 से हंदवाड़ा नार्को-आतंकवाद मामले की जांच कर रहा है और छह लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया है। दिसंबर में एक बयान में, NIA ने कहा कि इस मामले के आरोपी पाकिस्तान से भारी मात्रा में हेरोइन की तस्करी में शामिल थे और इसे जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में सप्लाई करते थे।

“वे गुप्त चैट प्लेटफार्मों का उपयोग करते हुए लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम) के खिलाफ आतंकवादी संगठनों के संचालकों के साथ नियमित संपर्क में थे। बिक्री की आय का इस्तेमाल कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए किया जा रहा था। ”