दिल्ली पुलिस ने मंगलवार शाम को जेएनयू के पूर्व स्कॉलर उमर खालिद की मां सबिहा इलियास और उसकी बहन ज़ारा सहित एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था। उन्हे अब रिहा कर दिया गया है। ये सभी पिछले साल सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन और पुलिसिया कार्रवाई का एक साल पूरा होने पर जामिया इस्लामिया इस्लामिया (जेएमआई) परिसर के बाहर कैंडल मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस शाम करीब 6:30 बजे उन्हें उठाकर ले गई और रात 9:30 पर घर छोड़ दिया।पुलिस का कहना है कि इन्हें समझाते हुए घर भेज दिया गया। इनमें कुछ महिलाएं भी थीं। पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। लेकिन उन्हें कुछ देर बाद छोड़ दिया गया।

साउथ-ईस्ट दिल्ली के डीसीपी आरपी मीणा ने बताया कि किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया। यहां कैंडल मार्च निकालने की कोशिश करने वाले लोगों को समझाकर उन्हें उनके घर भेज दिया गया। उन्हें इस तरह से कोरोना फैलने के बारे में बताया गया। पुलिस ने कहा कि इनमें कुछ महिलाएं भी थी।

उमर खालिद की मां और बहन के अलावा, हिरासत में लिए गए लोगों में पांच अन्य महिलाएं और सात या आठ जामिया छात्र थे। बता दें कि उमर खालिद दिल्ली हिंसा से जुड़े मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है। खालिद को दिल्ली पुलिस ने हिंसा की साजिश में सक्रिय भूमिका निभाने के आरोप में आतंकवाद निरोधक कानून के तहत गिरफ्तार किया था।