औरंगाबाद/मुंबई: इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मुहम्मद (सल्ल) और उनके सहाबा (साथियों), अहले बैत (वंशजों) को लेकर सोशल मीडिया पर होने वाली अपमानजनक पोस्ट और टिप्पणियों से निपटने के लिए रज़ा एकेडमी द्वारा गठित तहफ्फुज ए नामुस ए रिसालत बोर्ड को औरंगाबाद के उलेमाओं ने अपना समर्थन दिया है।

हजरत ख्वाजा निज़ामुद्दीन औलिया चिश्ती औरंगाबादी की दरगाह पर शुक्रवार को नमाज ए जुमा से पहले सज्जादानशीन हजरत सय्यद मोइन मियां निजामी और सय्यद महबूब मियां निजामी की अनुमति से मौलाना मुहम्मद अब्बास रजवी ने जायरीन और नमाजियों को नामुसे रिसालत, सहाबा ए कराम और अहले बैत अतहार की शान में सोशल मीडिया पर होने वाली गुस्ताखी से जुड़ी पोस्ट और वीडियों की और ध्यान दिलाया। साथ ही उन्होने रज़ा एकेडमी द्वारा गठित तहफ्फुज ए नामुस ए रिसालत बोर्ड की भी जानकारी प्रदान की।

आस्ताने से कायदे मिल्लत अल्हाज मुहम्मद सईद नुरी की मौजूदगी में दरगाह के दोनों सज्जादानशीन ने तहफ्फुज ए नामुस ए रिसालत बोर्ड की और जारी मुहिम का मराठवाड़ा में आगाज किया गया। इस मौके पर सईद नुरी ने कहा कि आले रसूल और हजरत ख्वाजा निज़ामुद्दीन औलिया चिश्ती औरंगाबादी की दरगाह के सज्जादानशीन के हाथों मुहिम का आगाज हुआ है। मुझे विश्वास है कि मुहिम पूरी तरह से कामयाब होगी।

नमाज के बाद हुई मीटिंग में उलेमाओं के साथ मुहिम को मराठवाड़ा में आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा भी हुई। जिसमे मौलाना सय्यद जमील ने घोषणा करते हुए कहा कि इस मुहिम में पूरा औरंगाबाद आप के साथ है। हमारी जान और माल नामुस ए रिसालत पर कुर्बान है।

वहीं औरंगाबाद में रज़ा एकेडमी के जिला प्रमुख अल्हाज इकबाल औरा ने कहा कि हम सभी इस अभियान में तन-मन-धन के साथ शामिल है। नामुस ए रिसालत से बढ़कर हमारे लिए कुछ भी नहीं है।

इस मौके पर मौलाना अब्दुल अलीम साहब, मौलाना निसार अहमद अशरफी, मुहम्मद हुसैन रिजवी, साजिद रजा, मुफ्ती तैयब रशीदी, मौलाना निज़ामुद्दीन, मौलाना आसिफ, मौलाना अनवारुल्लाह नूरी, मौलाना ज़ुल्कारनैन, मौलाना मुश्ताक, मौलाना अबुल कलाम साहब और मौलाना निसार आलम मौजूद रहे।