Monday, May 17, 2021

संविधान को प्राथमिकता देकर सुप्रीम कोर्ट खारिज करे वसीम रिजवी की याचिका: सईद नूरी

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नई दिल्ली: कुरान से 26 आयतों को हटाने की मांग करने वाली वसीम रिजवी रिजवी की याचिका पर 12 अप्रेल को होने वाली सुनवाई में रज़ा एकेडमी भी पक्षकार है। ऐसे में एक दिन पहले यानि रविवार को रज़ा एकेडमी के प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी के नेतृत्व में उलेमा ए किराम और वकीलों की एक महत्वपूर्ण बैठक जामा मस्जिद इलाके में हुई।

बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए मौलाना अल्हाज सईद नूरी ने कहा कि कुरान अल्लाह की पाक किताब है। मुसलमानों का ईमान है कि कुरान की हिफाजत अल्लाह का जिम्मा है। दुनिया में कितने ही वसीम रिजवी की तरह इस्लाम के दुशमन पैदा हुए और मिट गए लेकिन कुरान की एक आयत तो दूर एक जेर और जबर भी नहीं बदल सके और यही हाल वसीम रिजवी का जलील होकर होना है।

उन्होने आगे कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है। ऐसे में रज़ा एकेडमी ने भारतीय संविधान का सम्मान करते हुए देश के सर्व्वोच न्यायालय से न्याय की आशा की है। रज़ा एकेडमी सोमवार को सुनवाई में दुनिया भर के 2 अरब मुसलमानो की और से अपना पक्ष रखेगी।

इसके साथ ही नूरी साहब ने कहा कि जल्द ही स्वामी नरसिंहानंद भी भारतीय कानून के मुताबिक अपने किए की सज़ा पाएगा। रज़ा एकेडमी की और से इस सबंध में कोशिश की जा रही है। इसके अलावा देश भर में सोशल मीडिया पर होने वाली गुस्ताखियों से भी रज़ा एकेडमी निपट रही है।

दरगाह आला हजरत बरेली शरीफ के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि हमे पूरी उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट कल इस याचिका को न केवल खारिज करे बल्कि जुर्माना लगाकर भी सख्त सज़ा दे। उन्होने कहा कि अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए जो हरकत की गई है उसकी सख्त सज़ा मिलनी चाहिए।

बैठक में जालना रज़ा अकादमी के अध्यक्ष सैयद जमील रिज़वी, रज़ा अकादमी मालेगाँव के सचिव रिजवी सलीम शहज़ाद, तहफ्फुज ए नामूस ए रिसालत बोर्ड के अहमद रज़ा नूरी मियां, दिल्ली के सैयद मुहम्मद अज़ीज़ शाह, फैजान कुरैशी और अन्य उपस्थित रहे।

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