Monday, June 21, 2021

 

 

 

मुहब्बत ए रसूल के बिना कोई शख्स मुसलमान नहीं: अल्हाज सईद नूरी

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अहमदाबाद: रज़ा एकेडमी के प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी मंगलवार को गुजरात के उलेमाओं के साथ तहफ्फुज ए नामुस ए रिसालत बोर्ड की बैठक के लिए अहमदाबाद पहुंचे। जहां उन्होने बैठक में गुजरात में बोर्ड की कार्यकरिणी के गठन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

उलेमाओं को संबोधित करते हुए अल्हाज सईद नूरी साहब ने कहा कि मुहब्बत ए रसूल के बिना कोई शख्स मुसलमान हो नहीं सकता और मुसलमानों के किरदार में अपने नबी की मुहब्बत साफ तौर पर झलकनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हर कोई शाने रिसालत पर उंगली उठा रहा है लेकिन हमारे ईमान की कमजोरी है कि हम आवाज भी नहीं उठा पा रहे। जो हमारे ईमान की कमजोरी है।

उन्होंने राज्य में बोर्ड की प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल वह इन दिनों रज़ा एकेडमी के कार्यकर्ता गुजरात के विभिन्न शहरों के दौरे पर है। इस दौरे का उद्देश्य सिर्फ शाने रिसालत की हिफाजत के लिए न केवल उलेमाओ बल्कि आम मुसलमानों को भी बेदार कर तहफ्फुज ए नामुस ए रिसालत बोर्ड के बैनर तले एकजुट करना है। उन्होने कहा कि सरकार की नामुस के लिए अगर जान भी कुर्बान करना पड़े तो करेंगे।

पूना शहर के मशहूर ए आलिम ए दीन मुफ़्ती मुहम्मद आबिद रज़ा मिस्बाही ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिये हमे बातिल का मुकाबला करने के लिए आगे आना होगा। इसके लिए उलेमा ए किराम और कौम के नौजवानों को मैदान में उतरने की सख्त जरूरत है।

मुफ़्ती शब्बीर अहमद अशरफी ने कहा कि हमे क़ुरान की तालीम को आम करने की जरूरत है। जिसके लिए आवश्यक है कि हम अपने बच्चों को हाफिज ए क़ुरान बनाए। हम सरकार और कुरान की तौहीन हरगिज बर्दाश्त नहीं कर सकते।

मौलाना सुल्तान रज़ा कादरी सहित अन्य उलेमाओं ने गुजरात आमद पर सईद नूरी साहब का शुक्रिया अदा किया और कहा कि हमे ऐसे कायद की जरूरत है जो हर मोड़ पर हमारे साथ खड़ा रहे। मौलाना सुल्तान रज़ा कादरी सहित अन्य उलेमाओं ने गुजरात आमद पर सईद नूरी साहब का शुक्रिया अदा किया और कहा कि हमे ऐसे कायद की जरूरत है जो हर मोड़ पर हमारे साथ खड़ा रहे।

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