Tuesday, June 15, 2021

 

 

 

हुजूर की शान में की गई गुस्ताखी से बीबीसी के खिलाफ मुस्लिमों में भारी गुस्सा: सईद नूरी

- Advertisement -
- Advertisement -

मुंबई: बीबीसी न्यूज़ की और से पैगंबर ए इस्लाम हजरत मुहम्मद (सल्ल) की शान में की गई गुस्ताखी के सबंध में रज़ा एकेडमी के अधीन गठित तहफ़्फ़ुज़ के नामूस ए रिसालत बोर्ड की शुक्रवार को सोनपुर में एक अहम बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए अल्हाज सईद नूरी ने कहा कि ”बीबीसी हिंदी न्यूज़ सर्विस ने देश और दुनिया भर के मुस्लिमों की भावनाओं को आहत करते हुए पैगंबर का कथित चित्र प्रकाशित किया है। बीबीसी के इस नापाक कृत्य से मुस्लिम समुदाय के लोगों में भारी गुस्सा है।”

रज़ा एकेडमी प्रमुख नूरी साहब ने कहा कि ”बीबीसी को तत्काल इस चित्र को अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया से तुरंत हटाया जाना चाहिए। उन्होंने बीबीसी सर्विस को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस चित्र को वापस नही लिया गया और भारत सहित दुनिया के किसी भी हिस्सें में कहीं कोई घटना या हादसा पेश आता है तो इसके लिए बीबीसी की जिम्मेदारी होगी।”

उन्होंने उपस्थित उलेमाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ”एक बड़ी साजिश के तहत मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। उनके जज़्बात को भड़काने के लिए हुजूर की शान में एक के बाद एक गुस्ताखी की जा रही है। ये सिलसिला लगातार जारी है। इस पर रोक लगाने के लिए मुस्लिमों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा, मुसलमानों के लिए अजमत ए मुस्तफा से बढक़र कुछ भी नहीं है। एक मुसलमान सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है। लेकिन शान के रिसालत में गुस्ताखी नहीं।”

वहीं मौलाना जफरुद्दीन ने कहा कि मुसलमान और उलेमा ए अहले सुन्नत तहफ़्फ़ुज़ ए नामूस ए रिसालत बोर्ड से जुड़ जाए और अपनी काबिलियत के अनुसार खिदमत अंजाम दे। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को इस नाजुक मसले पर बेदार होना ही होगा।

इस मौके पर अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी को नामूस ए रिसालत की पहरेदारी के लिए मुहाफिज ए नामूस ए रिसालत अवार्ड से सम्मानित किया गया। साथ ही मुहम्मद उमर खान बरकाती को कायदे मिल्लत अवार्ड और मौलाना जफरुद्दीन रज़वी को भी आला हजरत अवार्ड से नवाजा गया। बैठक में मौलाना मुहम्मद अब्बास रज़वी, मौलाना मोइनुदीन, मौलाना कमाल अशरफ़ सहित कई उलेमा और अन्य लोग मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles