विवादित सलाफी विद्वान जाकिर नाईक के भारत वापस आने की खबरों के बीच मलेशिया से बड़ी खबर आ रही है। मलेशिया सरकार ने भारत की मांग को ठुकरा दिया है।

शुक्रवार को मलयेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा है कि उनका देश जाकिर नाईको को भारत को नहीं सौंपेगा। उन्होने बताया कि मलेशिया में जाकिर नाईक को स्थायी नागरिकता दे दी गई है।

मोहम्मद ने कहा, “जब तक वह कोई दिक्कत पैदा नहीं कर रहा है, हमलोग उसे डिपोर्ट नहीं करेंगे क्योंकि उसे परमानेंट रेजिडेंसी स्टेट्स दिया गया है। बता दें कि मीडिया रिपोर्ट मे आया था कि ज़ाकिर बुधवार रात को ही भारत आ सकता है, लेकिन बाद में विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि ये खबरें सही नहीं हैं।

वहीं जाकिर ने बयान कहा, “मेरे भारत आने की खबर पूरी तरह आधारहीन और झूठी है। मैं जबतक अनुचित सुनवाई से खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करूंगा, तबत क मेरे भारत लौटने की कोई योजना नहीं है। जब मैं यह महसूस करूंगा कि सरकार उचित और निष्पक्ष है, मैं निश्चित ही अपने देश लौटूंगा।’

ध्यान रहे भारत मे डॉक्टर नाईक के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड विधान की धारा 20 (b), 153 (a), 295 (a), 298 and 505 (2) के तहत आरोप तय किए हुए। दिसंबर, 2016 में जाकिर के एनजीओ को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बैन कर चुका है।

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