ज़ी न्यूज़ चैनल पर पाकिस्तानी पत्रकार तारिक फतेह के विवादित कार्यक्रम “फतेह का फतवा” को देश की अखंडता और गंगा जमुनी तहज़ीब खिलाफ करार देते हुए खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में कार्यक्रम को बंद करने के लिए याचिका दायर की गई हैं.

दिल्ली के वकील हिफज़ुर रहमान खान की और से दायर याचिका में ज़ी न्यूज़ के इस प्रोग्राम को इस्लाम धर्म और उसकी पाक किताब कुरान और हदीस पर कीचड़ उछालने वाला बताया गया. याचिका में कहा गया कि तारिक फतेह के इस विवादित कार्यक्रम में मदरसों, इस्लामी किताबों, औलिया अल्लाह को निशाना बनाकर उनका अपमान किया जा रहा हैं. याचिका में इस्लामी खलीफा सैयदना उमर बिन खत्ताब (रह.) के अपमान की भी बात कही गई.

जस्टिस एंड डेवलपमेंट फ्रंट के राष्ट्रीय संयोजक मेहदी हसन एैनी कासमी के अनुसार, पिछले पांचों कार्यक्रमों में इस्लाम धर्म का सबसे ज्यादा अपमान किया गया हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से निर्वासित तारिक फतेह भारत में आकर सुनियोजित तरीके से इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश करके देशवासियों को आपस में लड़ाना चाहते हैं.

उन्होंने ज़ी न्यूज़ के फ्रीडम ऑफ़ स्पीच  के दावों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि चैनल ने भारतीयों को हिन्दू मुस्लिम में बांटने की कोशिश करने वाले व्यक्ति को रखा हुआ हैं. जो देश के लिये खतरनाक हैं. याचिका में अदालत से अपील की गई है कि तुरंत इस कार्यक्रम को बंद किया जाए. साथ ही ज़ी न्यूज़ चैनल के लाईसेंस रद्द किये जाने की भी मांग की गई.

महमूद रहमान सिद्दीकी ने बताया कि संगठन ने  राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पक्ष बनाकर एक ऑनलाइन पीटेशन भी दायर कर रखी है जिसमें तुरंत इस विवादास्पद कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाने की मांग रखी गई है.


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