Tuesday, June 22, 2021

 

 

 

तहफ्फुज ए नामुस ए रिसालत कांफ्रेंस में भी उठी वसीम रिज़वी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

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नई दिल्ली: रज़ा एकेडमी की और से इस्लामिक कल्चरल सेंटर दिल्ली में हुई तहफ्फुज ए नामुस ए रिसालत कांफ्रेंस में इस्लाम धर्म की सबसे पवित्र पुस्तक कुरान के अपमान करने वाले वसीम रिज़वी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

देश भर से एकत्रित हुए उलेमाओं को संबोधित करते हुए रज़ा एकेडमी प्रमुख अल्हाज सईद मुहम्मद नूरी ने कहा कि कुरान और सहाबा ए किराम (पैगंबर के साथियों) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर वसीम रिज़वी ने नया बवाल खड़ा किया है। जिससे दुनिया भर के मुस्लिमों में बेहद गुस्सा और नाराजगी है। उन्होंने कहा, क़ुरान 1400 वर्षो से अधिक समय से दुनिया के किसी भी हिस्से में अपने असल हालात में है। जिसमे एक बिंदु या मात्रा का भी परिवर्तन नही हुआ है और नही किया जा सकता है।

जामा मस्जिद के शाही इमाम डॉ मुकर्रम अहमद और दरगाह ख्वाजा गरीब नवाज के सज्जादा नशीन अब्दुल वहीद हुसैन चिश्ती ने कहा कि कुरान एक है और दुनिया भर के सभी मुसलमान इस पर ईमान रखते है। इस्लाम के धर्म के सभी संप्रदाय क़ुरान पर एक मत है कि क़ुरान में कोई परिवर्तन नही हो सकता।

वहीं हजरत मन्नान रज़ा खान उर्फ मन्नानी मियां और सय्यद मोइनुद्दीन अशरफ ने कहा कि कुरान अल्लाह की और से आखिरी किताब है। इस किताब में किसी आयत को न तो घटाया और बढ़ाया जा सकता है। वसीम रिज़वी ने अपने संघी आकाओं को खुश रखने के लिए ये बयान दिया है। उन्होंने मुस्लिमों से आपसी शांति बनाए रखने की अपील की।

इस दौरान अल्लामा यासीन अख्तर मिस्बाही, प्रोफेसर ग़ुलाम अंजुम, मुफ़्ती खालिद अय्यूब मिस्बाही, इंजीनियरिंग सैय्यद फ़ज़्लुल्लाह चिश्ती, मुफ़्ती फहीमुद्दीन बरकाती, मुफ़्ती अलाउद्दीन, मौलाना उमर रज़ा खान आदि मौजूद रहे।

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