Thursday, June 17, 2021

 

 

 

टीकाकरण दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी – बुजुर्गों ने तो जी ली अपनी जिंदगी, युवाओं को मिले प्राथमिकता

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कोरोना के टीकाकरण को लेकर दिल्ली की केजरीवाल सरकार को दिल्ली हाई कोर्ट ने फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार को टीकाकरण में बुजुर्गों के बजाय युवाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि बुजुर्गों ने तो अपनी जिंदगी जी ली है। ऐसे में युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और पहले उन्हें बचाने की ज़रूरत है। जबकि यहां बुजुर्गों को प्राथमिकता दी गई। 80 साल के लोग देश को आगे नहीं ले जाएंगे। वे अपना जीवन जी चुके हैं, अब युवाओं को बचाने की ज़रूरत है। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान वैक्सीन की कमी पर गंभीरता जताते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के खिलाफ जंग में केंद्र सरकार की मौजूदा टीकाकरण नीति संतोषजनक नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरुआत में 45-60 साल के लोगों और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण शुरू किया और अब इसे 18 साल के युवाओं के लिए भी शुरू कर दिया, लेकिन उनका टीकाकरण नहीं हो पा रहा। जज ने कहा कि अगर पर्याप्त मात्रा में टीका नहीं था तो ऐसी घोषणाएं करने की जरूरत ही नहीं थी।

कोर्ट ने ये भी कहा किबड़ी संख्या में संक्रमण से युवा अपनी जान गंवा चुके हैं, यही युवा वर्ग देश के भविष्य हैं। पीठ ने कहा कि हम यानि बुजुर्ग उम्र के आखिरी पड़ाव पर हैं, हमें अपने भविष्य की रक्षा करने की जरूरत है, हमें अपने युवाओं को बचाने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा है कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आगे का रास्ता तय करें।

सुनवाई के दौरान जस्टिस विपिन सांघी ने इटली का उदाहरण देते हुए कहा कि जब अस्पतालों में बेड की कमी हो गई थी तो उन्होंने बुजुर्गों से माफी मांग ली थी और युवाओं को प्राथमिकता दी थी।

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