पड़ोसी राज्य कर्नाटक में हाल ही में पास हुए गो-ह’त्या प्रतिबंधित कानून के चलते गोवा में बीफ की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। जिससे राज्य की बीजेपी सरकार भी काफी परेशान है। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत ने कहा कि प्रशासन दो दिन में इस समस्या का हल तलाश लेगा।

सावंत ने कहा कि राज्य में बीफ के दो मुख्य सप्लायर कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीफ बैन करने से राज्य सरकार को सप्लाई के दूसरे राज्यों को संपर्क करना होगा। सावंत ने कहा, “गोवा सरकार ये सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि राज्य की 30 फीसदी अल्पसंख्यक आबादी को बीफ की कमी न हो।”

सावंत ने ये भी कहा है कि वह व्यापारियों को अब अपने राज्य में मवेशी लाने और ह’त्या की इजाज़त देंगे। इससे पहले उनका ये बयान भी आया कि वह ख़ुद ”गाय की पूजा” करते हैं लेकिन उनकी कुछ मजबूरियां हैं। उन्होने कहा, राज्य का मुख्यमंत्री होने के नाते मेरी ज़िम्मेदारी है कि मैं राज्य के अल्पसंख्यकों का भी ख़याल रखूं। गोवा में 30 फ़ीसदी ऐसे अल्पसंख्यक हैं जो बीफ़ खाते हैं।

बता दें कि गोवा में खाए जाने वाले रोजाना 25 टन बीफ का बड़ा हिस्सा कर्नाटक से आता है। बीफ की कमी भी ऐसे समय पर हुई है जब क्रिसमस और नए साल का मौका करीब है। हाल ही में कुछ बीफ व्यापारियों ने कर्नाटक से गोवा में बीफ सप्लाई को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी।

गोवा में मीट उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि इससे भी सिर्फ फ्रोजेन बीफ खाने वालों की मांग पूरी की जा सकेगी और ताजा बीफ खाने वालों के लिए कमी बनी रहेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि दूसरे राज्यों से भी जिंदा मवेशी गोवा लाने के रास्ते तलाशे जाएं।

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