Sunday, December 5, 2021

नया लेबर बिल लोकसभा में पेश, कम तनख्वाह देने पर लगेगा 50 हजार रूपए का जुर्माना या जेल

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नई दिल्ली | गुरुवार को मोदी सरकार ने नया लेबर बिल लोकसभा में पेश कर दिया. कैबिनेट में मंजूरी मिलने के बाद बेहद ही अल्प नोटिस में इसको लोकसभा में पेश किया गया. हालाँकि विपक्षी दलों ने इस पर एतराज जताया लेकिन सरकार ने यह कहकर उनको शांत करने की कोशिश की , की अभी बिल केवल पेश किया गया है, इस पर बाद में चर्चा कराई जायेगी. नए लेबर बिल के बाद नियोक्ता के लिए मजदूरों को तय नियमो के तहत मजदूरी देना जरुरी हो जायेगा.

गुरुवार को नए लेबर बिल को लोकसभा में पेश करते हुए केन्द्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने बताया की इस बिल में 1936, 1948, 1965 व 1976 एक्ट का विलय कर दिया गया है. इस बिल के तहत जो प्रावधान है उसके अनुसार असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले किसी भी मजदूर के अधिकारों का हनन नही किया जा सकेगा. हालाँकि नियोक्ता के लिए भी इसमें थोड़ी राहत देनी वाले प्रावधान शामिल किये गए है

बिल के प्रावधान के अनुसार अगर किसी मजदूर को नियोक्ता की और से कम तनख्वाह दी जा रही है तो नियोक्ता पर 50 हजार रूपए जुर्माना लगाया जायेगा. पांच साल के दौरान अगर दोबारा ऐसा होता है तो नियोक्ता पर एक लाख रूपए जुर्माना या 3 माह की कैद हो सकती है. या दोनों सजाये देने का भी प्रावधान है. इसके अलावा हर पांच साल में विभिन्न मानको के आधार पर न्यूनतम मजदूरी की समीक्षा करने का भी प्रावधान है.

न्यूनतम मजदूरी की समीक्षा के लिए एक पैनल का गठन किया जाएगा जिसमे नियोक्ता, श्रमिको के प्रतिनिधि और कुछ स्वतंत्र लोग भी शामिल होंगे. पगार देने के समय पर बिल में बताया की दिहाड़ी श्रमिको को शिफ्ट खत्म होने पर, साप्ताहिक श्रमिक को सप्ताह के आखिरी कार्यदिवस पर, मासिक मजदूरों को अगले महीने की 7 तारीख तक पगार देनी होगी. हालाँकि नियोक्ता को श्रमिक के गैरहाजिर रहने पर पगार काटने का अधिकार दिया गया है. बताते चले की मोदी सरकार ने पुरे देश में 15 हजार रूपए न्यूनतम मजदूरी करने का फैसला किया था.bandaru dattatreya

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