Tuesday, September 28, 2021

 

 

 

बाबरी मस्जिद केस में नई संविधान पीठ का गठन, जस्टिस भूषण और नजीर शामिल

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अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद के मालिकाना हक के केस में सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से नई संविधान पीठ का गठन का गठन किया है। इस केस में 29 जनवरी से सुनवाई होगी।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने पांच जजों की नई संविधान पीठ बनाई है। इसमें जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर को जोड़ा गया है। नई पीठ में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्‍दुल नजीर शामिल हैं।

बता दें कि पुरानी बैंच में जस्टिस यूयू ललित के नाम पर आपत्ति जताई गई थी। इसके बाद उन्‍होंने अपना नाम वापस ले लिया था। दरअसल कोर्ट में एक मुस्लिम पक्षकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने कहा था कि जस्टिस ललित बतौर अधिवक्ता 1997 के आसपास एक संबंधित मामले में यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की ओर से पेश हुए थे।

babri masjid

उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह (यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में) अयोध्या में विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने का आश्वासन पूरा करने में विफल हो गए थे। अयोध्या में विवादित ढांचा 6 दिसंबर 1992 को गिराया गया था। उस संविधान पीठ के सदस्यों में जस्टिस एसए बोबडे, एनवी रमण, उदय यू ललित और डीवाई चंद्रचूड़ शामिल थे।

करीब 20 मिनट तक मामले की सुनवाई के बाद बेंच ने अपने आदेश में इस तथ्य का जिक्र किया कि धवन ने कहा कि जस्टिस ललित द्वारा इस मामले की सुनवाई करने पर कोई आपत्ति नहीं है और इस बारे में अंतिम निर्णय तो जज को ही करना है।

पीठ ने कहा, ‘इस तथ्य को उठाए जाने पर जस्टिस ललित ने सुनवाई में आगे हिस्सा लेने के प्रति अनिच्छा व्यक्त की इसलिए हमारे पास सुनवाई की तारीख और इसके समय आदि के बारे में निर्णय करने के लिए इसे स्थगित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

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