नेपाल भारतीय सीमा पर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक बार फिर से नया विवाद पैदा करते हुए नेपाल ने भारत-नेपाल बॉर्डर (Indo-Nepal border) पर भारतीय क्षेत्र में हो रहे सड़क निर्माण को रोक दिया। इतना ही नहीं उसने भारतीय जमीन पर अपना अधिकार भी जताया।

न्यूज़ 18 के अनुसार, मामला सीतामढ़ी के भिट्ठामोड़ बॉर्डर का है। नेपाल पुलिस ने भारतीय सीमा क्षेत्र की 20 मीटर जमीन पर अपना दावा ठोका है। बताया जा रहा है कि सड़क का निर्माण भिठ्ठामोड़ चौक से नो मेंस लैंड (Bhitthamod Chowk to No Men’s Land) तक हो रहा है, जिस पर नेपाल ने अपना दावा ठोका है।

रोड कंस्ट्रक्शन रोके जाने के बात सीमा पर तनाव इतना बढ़ गया कि दोनों ही तरहफ के जवानों का जमावड़ा होने लगा।  एसएसबी ने स्थिति संभालते हुए लोगों को यह कहकर शांत किया कि वरीय अधिकारी बात कर मामले को निपटा लेंगे। इस बीच गैरआधिकारिक बातचीत में एसएसबी के अफसरों ने कहा कि वरीय अधिकारियों को इस बात की जानकारी दे दी गई है।

इससे पहले नेपाल ने भारत को भारी बारिश के बीच धमकी देते हुए कहा कि बंजरहा के पास भारतीय सीमा में नो मेंस लैंड से सटे हुए लालबकेया नदी के तटबंध के एक हिस्से को नहीं हटाया तो इसे तोड़ देंगे। नेपाल के रौतहट के डीएम वासुदेव घिमिरे ने सोमवार को कहा कि दोनों देशों की भूमापक टीम द्वारा की गई पैमाइश में पाया गया है तटबंध को कही दो मीटर तो कहीं एक मीटर नोमेंस लैंड को अतिक्रमित कर बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि नो मेंस लैंड के बीच में बने पिलर से 9.1 मीटर उत्तर व दक्षिण अर्थात 18.2 मीटर नो मेंस लैंड की जमीन पहले से ही निर्धारित है। नो मेंस लैंड की जमीन पर कोई निर्माण कार्य नहीं होना है। इसके बावजूद भी वहां तटबंध बना दिया गया है। डीएम ने कहा नो मेंस लैंड पर बने तटबंध को हटाने पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच सहमति बन गई है। इसके बावजूद भी तटबंध को नहीं हटाया गया है।

इस बाबत पूछने पर पूर्वी चंपारण के डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि इस संबंध में उन्हें राज्य या भारत सरकार से कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। मालूम हो कि अधवारा समूह की लालबकेया नदी का यह वही तटबंध है, जिसकी मरम्मत को नेपाल के सुरक्षाकर्मियों ने पिछले दिनों रोक दिया था।

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