अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का मानना है कि जीएसटी और नोटबंदी से भारत की विकास दर को नुकसान पहुंचा है. जिसकी वजह से अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत की विकास दर को अनुमान से आधा प्रतिशत कम बताया.

आईएमएफ ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि 6.7% रहने का अनुमान वास्तव में उसकी अर्थव्यवस्था की दीर्घावधि संभावनाओं में एक ‘अस्थायी व्यवधान’ की तरह है.

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आईएमएफ ने अपनी नवीनतम ‘विश्व आर्थिक’ रिपोर्ट में कहा कि भारत में विकास की गति धीमी हुई है. ह देश में बीते साल की नोटबंदी और इस वर्ष जुलाई से लागू जीएसटी के असर को दर्शाता है. हालांकि आइएमएफ का मानना है कि आने वाले वर्ष के दौरान विकास दर बेहतर होगी.

आईएमएफ में आर्थिक सलाहकार एवं शोध विभाग के निदेशक मॉरिस ऑब्स्टफेल्ड ने कहा, ‘अर्थव्यवस्था में इस साल आया यह धीमापन वास्तव में उसकी दीर्घावधि सकारात्मक आर्थिक विकास की तस्वीर पर एक छोटे से अस्थायी दाग की तरह है.’

उन्होंने कहा, ‘आम तौर पर भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर हालत में है. सरकार ने पूरी ऊर्जा के साथ ढांचागत सुधार लागू किए हैं जिनमें जीएसटी शामिल है. इसका दीर्घावधि में लाभ होगा.’

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